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अरुण कुमार को मिली 'मुक्ति', लेकिन कैसे?
विष्णु मोहन/लखनऊ
Updated Thu, 26 Sep 2013 06:46 PM IST
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बीते दिनों छुट्टी पर गए अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार को आखिरकार उनके पद से मुक्ति मिल गई है।
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अब यूपी में कानून एवं व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी एडीजी मुकुल गोयल की होगी।
मुकुल गोयल 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि अरुण कुमार की पूरी मांग पूरी नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक, फिलहाल अरुण कुमार को डीजीपी ऑफिस से अटैच कर दिया गया है।
इसके पहले, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार ने यूपी छोड़कर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जताई थी। एडीजी अरुण कुमार के पत्र को मुजफ्फरनगर दंगों से जोड़कर देखा जा रहा था।
गौरतलब है कि उन्होंने वह पत्र करीब दो माह पहले भेज दिया था, लेकिन इसके लिए एक बार फिर परिपत्र देने से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया। एडीजी अरुण कुमार को पिछले साल कानून एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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अपनी कार्यशैली को लेकर पहचाने जाने वाले अरुण कुमार ने पदभार संभालने के बाद वैज्ञानिक तरीके से तफ्तीश को बढ़ावा देने समेत कई अहम कदम उठाए, लेकिन उनके कुछ फैसलों को दरकिनार कर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई से वह असहज महसूस करने लगे।
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सूत्रों के मुताबिक रुकावटों के चलते काम करने में खुद को असहज महसूस कर रहे एडीजी अरुण कुमार ने करीब दो माह पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की औपचारिकताएं शुरू कर दी थीं।