आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कोरोना की 99.98 फीसदी सटीक जांच, केजीएमयू-एकेटीयू ने किया विकसित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों पर भी आसानी से कोरोना मरीजों की पहचान की जा सकेगी। वह भी 99.98 फीसदी तक सटीकता के साथ। यह सब होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोविड-19 डायग्नोसिस टूल से। यह टूल एक्स-रे इमेज का विश्लेषण कर कोरोना संक्रमित का पता लगाने में सक्षम है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने साथ मिलकर यह टूल विकसित किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों का यह सराहनीय प्रयास है।
केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि इस टूल को एक्स-रे मशीन के साथ लगा कर उपयोग में लाया जा सकता है। एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि इसे बेहद कम स्थान में लगाया जा सकता है।
इन संस्थानों ने भी किया सहयोग: आयुर्विज्ञान विवि इटावा, राजकीय मेडिकल कॉलेज कोटा और कई इंटरनेशनल लैब ने भी सहयोग किया। केजीएमयू के रेडियोडायग्नोसिस विभाग की डॉ. नीरा मलिक एवं डॉ अनीत परिहार भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा रहे हैं।
ऐसे तैयार किया गया टूल
प्रो एमके दत्ता एवं शोधार्थी राकेश जोशी ने बताया कि टूल विकसित करने के लिए जरूरी था कि ऐसा सिस्टम विकसित हो जो सामान्य व्यक्ति, सामान्य फ्लू, निमोनिया पीड़ितों और कोविड-19 के रोगियों के एक्स-रे इमेजेज या सीटी स्कैन का विश्लेषण कर सके।
केजीएमयू से कोविड-19 और नॉन कोविड-19 रोगियों के मिले डेटा से इन कोविड-19 में क्या अलग होता है उसे समझने वाले फीचर्स का उपयोग करके टूल को तैयार किया गया। इसके लिए डीप लर्निंग सीएनएन नेटवर्क का भी उपयोग किया गया।