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Lucknow News: अर्चना और पंजाब मेल तीन घंटे से ज्यादा लेट
Fri, 05 Jan 2024 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 05 Jan 2024 12:25 AM IST
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रायबरेली। कोहरे का असर कम नहीं हो रहा है। बारिश की वजह से ठंड भी बढ़ गई है। ट्रेनों की लेटलतीफी पहले की तरह जारी है। यात्रियों को ठंड में ठिठुरते हुए कई घंटों तक ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे यात्री परेशान हो रहे हैं। अर्चना और पंजाब मेल तो तीन घंटे से ज्यादा विलंब से आई। गंगा गोमती एक्सप्रेस के इंतजार में 15 मिनट तक नौचंदी एक्सप्रेस को रोके जाने के कारण भी यात्री परेशान हुए।
बृहस्पतिवार को जम्मू तवी से पटना जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस और हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल तीन से सवा तीन घंटे विलंब से आई। अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल और दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस डेढ़ घंटे से ज्यादा देर से पहुंची।
सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस लगभग दो घंटे विलंब से आई, जिसे 15 मिनट शहर के रेलवे स्टेशन पर रोकने के बाद रवाना किया गया। वजह यह कि प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस आने वाली थी। गंगा गोमती पौन घंटे देर से पहुंची।
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बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस एक घंटे देर से आई। प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी और बनारस-लखनऊ एक्सप्रेस पौन घंटे, लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी और प्रयागराज-लखनऊ इंटरसिटी आधे घंटे विलंब से पहुंची। बुधवार रात प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस और वाराणसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे देर से आई। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि लंबी दूरी की ट्रेनें पिछले स्टेशनों से ही लेट हो रही हैं।
एक घंटे खड़ी रही कानपुर स्पेशल
ऊंचाहार (रायबरेली)। रायबरेली से कानपुर जाने वाली स्पेशल ट्रेन बृहस्पतिवार को एक घंटे से ज्यादा देर तक ऊंचाहार स्टेशन पर खड़ी रही। सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस ढाई घंटे, कानपुर अनवरगंज से प्रयागराज जाने वाली स्पेशल दो घंटे, प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस आधे घंटे, लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली इंटरसिटी 20 मिनट, प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी 25 मिनट विलंब से आई। प्रयागराज से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी और स्पेशल ट्रेनें भी आधे घंटे से ज्यादा देर से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक विनोद त्रिपाठी ने बताया कि रायबरेली-कानपुर स्पेशल के इंजन की दिशा बदली जाती है। कोहरा अधिक होने और मालगाड़ी के आने के कारण इंजन की दिशा बदलने में ज्यादा समय लगा, जिससे ट्रेन देर तक खड़ी रही।
ट्रेन के नीचे से प्लेटफार्म बदलने से भी नहीं चूकते
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म बदलने के लिए भले ही दो पैदल पुल बने हैं, लेकिन यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते रहते हैं। अगर बीच की रेल लाइन पर कोई ट्रेन खड़ी है तो उसके नीचे से भी गुजरते रहते हैं। हालांकि इस तरह का जोखिम यात्री कम ही उठाते हैं, लेकिन स्टेशन पर काम करने वाले लोग ही जब ट्रेन के नीचे से गुजर कर प्लेटफार्म बदलते हैं तो यात्री भी निकलने लगते हैं।
स्टेशन की कैंटीन में काम करने वाले वेंडर हाथ में लंच पैकेट व नाश्ते की टोकरी लेकर रोजाना ऐसा करते हैं, लेकिन कोई रोकने वाला नहीं है। उनकी देखादेखी यात्री भी बेरोकटोक ट्रैक पार करते रहते हैं।
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बृहस्पतिवार को जम्मू तवी से पटना जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस और हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल तीन से सवा तीन घंटे विलंब से आई। अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल और दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस डेढ़ घंटे से ज्यादा देर से पहुंची।
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सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस लगभग दो घंटे विलंब से आई, जिसे 15 मिनट शहर के रेलवे स्टेशन पर रोकने के बाद रवाना किया गया। वजह यह कि प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस आने वाली थी। गंगा गोमती पौन घंटे देर से पहुंची।
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बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस एक घंटे देर से आई। प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी और बनारस-लखनऊ एक्सप्रेस पौन घंटे, लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी और प्रयागराज-लखनऊ इंटरसिटी आधे घंटे विलंब से पहुंची। बुधवार रात प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस और वाराणसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे देर से आई। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि लंबी दूरी की ट्रेनें पिछले स्टेशनों से ही लेट हो रही हैं।
एक घंटे खड़ी रही कानपुर स्पेशल
ऊंचाहार (रायबरेली)। रायबरेली से कानपुर जाने वाली स्पेशल ट्रेन बृहस्पतिवार को एक घंटे से ज्यादा देर तक ऊंचाहार स्टेशन पर खड़ी रही। सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस ढाई घंटे, कानपुर अनवरगंज से प्रयागराज जाने वाली स्पेशल दो घंटे, प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस आधे घंटे, लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली इंटरसिटी 20 मिनट, प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी 25 मिनट विलंब से आई। प्रयागराज से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी और स्पेशल ट्रेनें भी आधे घंटे से ज्यादा देर से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक विनोद त्रिपाठी ने बताया कि रायबरेली-कानपुर स्पेशल के इंजन की दिशा बदली जाती है। कोहरा अधिक होने और मालगाड़ी के आने के कारण इंजन की दिशा बदलने में ज्यादा समय लगा, जिससे ट्रेन देर तक खड़ी रही।
ट्रेन के नीचे से प्लेटफार्म बदलने से भी नहीं चूकते
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म बदलने के लिए भले ही दो पैदल पुल बने हैं, लेकिन यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते रहते हैं। अगर बीच की रेल लाइन पर कोई ट्रेन खड़ी है तो उसके नीचे से भी गुजरते रहते हैं। हालांकि इस तरह का जोखिम यात्री कम ही उठाते हैं, लेकिन स्टेशन पर काम करने वाले लोग ही जब ट्रेन के नीचे से गुजर कर प्लेटफार्म बदलते हैं तो यात्री भी निकलने लगते हैं।
स्टेशन की कैंटीन में काम करने वाले वेंडर हाथ में लंच पैकेट व नाश्ते की टोकरी लेकर रोजाना ऐसा करते हैं, लेकिन कोई रोकने वाला नहीं है। उनकी देखादेखी यात्री भी बेरोकटोक ट्रैक पार करते रहते हैं।