72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती, जल्दी मिलेगा नियुक्ति पत्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने प्रशिक्षु शिक्षकों के पात्रों के नाम 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे तक डायट प्राचार्यों से मांग लिए हैं। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इन पत्रों के नाम भेजे जाएंगे, जिससे इन्हें नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।
जानकारों की मानें तो नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया जनवरी के पहले हफ्ते से शुरू कर दी जाएगी। एससीईआरटी ने डायट प्राचार्यों को भेजे निर्देश में कहा गया है कि प्रशिक्षु शिक्षक के लिए सामान्य वर्ग में 70 और आरक्षित वर्ग में 65 फीसदी अंक वालों को ही माना जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की चल रही भर्ती प्रक्रिया के पात्रों को छह हफ्ते के अंदर नियुक्ति पत्र दे दिया जाए। उसने यह भी कहा है कि सामान्य वर्ग में 70 व आरक्षित वर्ग में 65 फीसदी अंक वालों को ही पात्र माना जाए।
प्राचार्यों को मिले हैं निर्देश
इसके आधार पर सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने 24 दिसंबर को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए यथाशीघ्र पात्रों को नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया था।
एससीईआरटी ने इसके आधार पर डायट प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि प्रशिक्षु शिक्षक में अब तक हुई तीन चरणों की काउंसलिंग में जितने भी पात्र पाए गए हैं उनकी सूची 29 दिसंबर तक निदेशालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दी जाए।
एससीईआरटी इसके बाद एनआईसी को इन पात्रों के नाम देते हुए ऑनलाइन इसका मिलान कराएगा। एनआईसी से पुष्टि होने के बाद जिलेवार प्रशिक्षु शिक्षकों के पात्रों की सूची भेजते हुए नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया जाएगा।
एससीईआरटी ने प्रशिक्षु शिक्षक की चौथी मेरिट जारी करने से पहले आवेदन पत्रों की खामियां 26 दिसंबर तक ऑनलाइन दूर करने का निर्देश डायट प्राचार्यों को दिया था। इसके बाद पूरा विवरण एससीईआरटी निदेशालय को एक्सल फार्मेट पर उपलब्ध कराने को कहा गया था।
इसके बाद भी प्रदेश के 22 जिले ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक पूरा ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है। डायट प्राचार्यों से कहा गया है कि वे यथाशीघ्र पूरा ब्यौरा उपलब्ध करा दें जिससे एनआईसी से इसका मिलान कराया जा सके।