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रमजान में घर पर ही करें इबादत, गरीबों की करें मदद

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2020 01:39 AM IST
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Appeal for Ramzan
लखनऊ। रमजान के मुकद्दस महीने में लॉकडाउन का पालन और सोशल डिस्टेंसिंग कायम रखने के लिए उलमा ने तरावीह की नमाज सहित सभी इबादत अपने घरों में ही करने की अपील की है। उलमा ने तरावीह व अन्य नमाज के लिए वीडियो का सहारा न लेने की हिदायत दी। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया फरंगी महल के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि रमजानुल मुबारक का पहला रोजा चांद के मुताबिक 25 अप्रैल को हो सकता है। मौलाना ने कहा कि रोजा इस्लाम के पांच बुनियादी अरकान (स्तम्भों) में से एक है। यह ऐसी इबादत है जिसके करने के लिए पूरा एक महीना रोजे को रखा गया है। इबादतों से भरपूर इस महीने के दिनों में रोजा रखने के साथ ही रात में तरावीह पढ़ी जाती है। मौलाना ने कहा कि हम कोई भी कार्य जमा होकर न करें। इसलिए उलमा ने मस्जिदों में जमात के साथ नमाज अदा करने के लिए मना किया है। फिरंगी महल के अध्यक्ष मौलाना अबुल इरफान मियां फरंगी महली ने कहा कि रमजान में अपने घर में अकेले या घरवालों के साथ तरावीह की नमाज अदा करें। हो सके तो तरावीह के लिए हाफिज ए कुरान का इंतजाम जरूर करें। वीडियो या वीडियो कॉलिंग पर तरावीह या और कोई नमाज नहीं होगी। उन्होंने कहा कि रमजान में कोरोना वायरस और दूसरी बीमारियों की जांच के लिए खून निकलवाना जायज है। गरीबों और गरीब पड़ोसियों को इफ्तार के नाम पर जो नगदी हो पेश करें। ऑल इंडिया शिया पर्सनल ला बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने लखनऊ सिटी मजिस्ट्रेट से हुसैनाबाद ट्रस्ट के कर्मचारियों के वेतन हेतु आर्थिक सहायता व रमजान के रोजों को देखते हुए खाद्य सामग्री देने की बात की, जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने मौलाना को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द हुसैनाबाद ट्रस्ट के कर्मचारियों के लिए आर्थिक व खाद्य सामग्री की मदद की जाएगी। शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास रमजान में इबादत घर पर ही करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया में 200 से ज्यादा देश कोरोना की चपेट में है। रमजान का महीना मुबारक महीना है इबादत का महीना है, लेकिन लॉकडाउन के जो फायदे हैं उनको समझते हुए इबादत घर में करें। उन्होंने कहा कि जमात से नमाज और तरावीह तब होती है जब हम आजाद हो, इस वक्त हमारे ऊपर मर्ज की तलवार है। आसिफी मस्जिद के इमामे जुमा मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि रमजान में भी हमें अपने घर से नहीं निकलना है। हालात अभी हमें बाहर निकलने की इजाजत नहीं दे रहे है। इसलिए हमें अपने घर पर ही इबादत करनी है।   रमजान में इन बातों पर अमल किया जाए 1-रमजान के रोजे फर्ज हैं इसलिए सारे मुसलमान रोजे जरूर रखें। 2-इफ्तार के समय कोरोना बीमारी के अंत के लिए दुआ जरूर करें। 3-इफ्तारी का एहतिमाम मस्जिद में सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए करें जो मस्जिद ही में रह रहे हैं। 4-जो लोग हर साल मस्जिद में गरीबों के लिए इफ्तारी का आयोजन करते थे वह लोग इस साल भी करें, लेकिन इसको जरूरतमंदों में बांट दें। 5-जो लोग हर साल रमजान में इफ्तार पार्टियां करते थे वह इसी रकम को या इसका राशन गरीबों को दे दें। 6- तरावीह जो रमजान में सुन्नत मुअक्किदा है उसको जरूर अदा करें। 7- जो लोग मस्जिद में रह रहे हैं, वहीं मस्जिद में तरावीह पढ़ें और कम से कम एक कुरान मजीद जरूर पूरा करें क्योंकि ऐसा करना सुन्नत है। 8- मस्जिद में एक समय में 5 से अधिक लोग एकत्रित (जमा) न हों। 9- बाकी लोग अपने घरों ही में तरावीह जमात के साथ अदा करें। 10-जिन घरों में हाफिज हों तो वह पूरा कुरान मजीद पढ़ें वरना जिसको जितना भी याद हो वह 20 रकात में पढ़े। 11- जिन लोगों पर जकात फर्ज है वह जकात जरूर अदा करें। 12- तमाम रोजेदार इस बात को सुनिश्चित करें कि इस मुबारक महीने में कोई भी इंसान भूखा न रहे।
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