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Lucknow News: केवाईसी अपडेट करने के नाम पर भेजी एपीके फाइल, वृद्ध के खाते से निकल गए 5.87 लाख
Mon, 28 Apr 2025 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:54 AM IST
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केवाईसी अपडेट करने के नाम पर भेजी एपीके फाइल, वृद्ध के खाते से निकल गए 5.87 लाख
लखनऊ। आलमबाग के मधुवन नगर निवासी 63 वर्षीय वृद्ध आत्मा प्रसाद पांडेय साइबर जालसाजों का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें केवाईसी कराने के नाम पर एंड्रायड पैकेज किट (एपीके) फाइल भेजी थी। इसके बाद उनके दो खातों से 5.87 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
आत्मा प्रसाद के मुताबिक 23 अप्रैल को शाम करीब 7:37 बजे अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोनकर्ता ने खुद को एचडीएफसी बैंक का मैनेजर देवेश जोशी बताया और उन्हें एपीके फाइल भेजकर केवाईसी अपडेट करने की बात कही। फाइल खुलने पर आत्मा प्रसाद ने डिटेल भरी और ठग के कहे मुताबिक डेबिट कार्ड की फोटो खींच कर अपलोड कर दी। थोड़ी देर बाद केवाईसी अपडेट का मेसेज आ गया। अगले दिन वृद्ध को मोबाइल पर आए मेसेज से पता चला कि उनके दो खातों से 5.87 लाख रुपये निकल गए हैं। इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव के मुताबिक आरोपी ने जिस नंबर से फाइल भेजी उसकी जांच की जा रही है।
जानिए क्या है एपीके फाइल एपीके एक फाइल फॉर्मेट है, इसमें एंड्रॉयड एप्स को पैक किया जाता है। जब आप गूगल प्ले स्टोर से कोई एप डाउनलोड करते हैं, वह दरअसल एक एपीके फाइल होती है। पर अगर कोई अंजान व्यक्ति आपको एपीके फाइल भेजे तो उसमें वायरस या मालवेयर हो सकता है।
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साइबर ठग एपीके फाइल से ऐसे करते हैं हमला
ठग एक ऐसा फर्जी एप बनाते हैं जो दिखने में असली बैंकिंग एप, गेम या सोशल मीडिया एप जैसा लगता है।
वे आपको किसी बहाने से एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते हैं, जैसे ये नया गेम है, लोन मिलेगा, बैंकिंग सुविधा अपडेट करें, इनाम जीतें आदि। जब आप उस एपीके फाइल को इंस्टॉल करते हैं, तो असल में आपके फोन में एक मालवेयर/स्पाइवेयर आ जाता है। इसके बाद ठग आपका फोन अपने नियंत्रण में ले लेते हैं। आपके मेसेज पढ़ सकता है। ट्रांजेक्शन संबंधी आने वाला वन टाइम पासवर्ड भी ठग को मिल जाता है। फिर आपकी बैंकिंग जानकारी, कार्ड डिटेल्स, यूपीआई पिन आदि चुराकर आपके खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
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आत्मा प्रसाद के मुताबिक 23 अप्रैल को शाम करीब 7:37 बजे अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोनकर्ता ने खुद को एचडीएफसी बैंक का मैनेजर देवेश जोशी बताया और उन्हें एपीके फाइल भेजकर केवाईसी अपडेट करने की बात कही। फाइल खुलने पर आत्मा प्रसाद ने डिटेल भरी और ठग के कहे मुताबिक डेबिट कार्ड की फोटो खींच कर अपलोड कर दी। थोड़ी देर बाद केवाईसी अपडेट का मेसेज आ गया। अगले दिन वृद्ध को मोबाइल पर आए मेसेज से पता चला कि उनके दो खातों से 5.87 लाख रुपये निकल गए हैं। इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव के मुताबिक आरोपी ने जिस नंबर से फाइल भेजी उसकी जांच की जा रही है।
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जानिए क्या है एपीके फाइल एपीके एक फाइल फॉर्मेट है, इसमें एंड्रॉयड एप्स को पैक किया जाता है। जब आप गूगल प्ले स्टोर से कोई एप डाउनलोड करते हैं, वह दरअसल एक एपीके फाइल होती है। पर अगर कोई अंजान व्यक्ति आपको एपीके फाइल भेजे तो उसमें वायरस या मालवेयर हो सकता है।
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साइबर ठग एपीके फाइल से ऐसे करते हैं हमला
ठग एक ऐसा फर्जी एप बनाते हैं जो दिखने में असली बैंकिंग एप, गेम या सोशल मीडिया एप जैसा लगता है।
वे आपको किसी बहाने से एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते हैं, जैसे ये नया गेम है, लोन मिलेगा, बैंकिंग सुविधा अपडेट करें, इनाम जीतें आदि। जब आप उस एपीके फाइल को इंस्टॉल करते हैं, तो असल में आपके फोन में एक मालवेयर/स्पाइवेयर आ जाता है। इसके बाद ठग आपका फोन अपने नियंत्रण में ले लेते हैं। आपके मेसेज पढ़ सकता है। ट्रांजेक्शन संबंधी आने वाला वन टाइम पासवर्ड भी ठग को मिल जाता है। फिर आपकी बैंकिंग जानकारी, कार्ड डिटेल्स, यूपीआई पिन आदि चुराकर आपके खाते से पैसे निकाल लेते हैं।