फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   anupam kher visits lucknow

अनुपम खेर ने खोले जिदंगी के अहम राज

Wed, 27 Nov 2013 01:44 PM IST
निखिल श्रीवास्तव/लखनऊ
निखिल श्रीवास्तव/लखनऊ Updated Wed, 27 Nov 2013 01:44 PM IST
विज्ञापन
anupam kher visits lucknow

उम्र भर अपने ही गिरेबां से उलझने वाले

विज्ञापन

तू मुझे मेरे ही साये से डराता क्या है?


यही फलसफा है खुशनुमा जिंदगी का। फिल्मी दुनिया के सबसे मंझे हुए कलाकारों में शुमार अनुपम खेर की नजर में यही खुशी का रास्ता है और लक्ष्य भी।

यूं तो अनुपम को अपनी किताब ‘द बेस्ट थिंग अबाउट यू इज यू’ के कुछ पन्ने पढ़ने थे, लेकिन उन्होंने अपनी किताब बिना पढ़े ही सबके दिलों में दर्ज कर दी।

वे मंगलवार शाम यहां टीसीएस के अवध पार्क में लखनऊ एक्सप्रेशंस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इसी के साथ 6-8 दिसंबर तक होने वाले लखनऊ लिट्रेचर कार्निवल का आगाज हुआ।

अनुपम बता रहे थे, ‘जिंदगी केकिसी निराशा भरे मोड़ पर कोई इंस्पिरेशनल बुक आपको सहारा नहीं देती। आप खुद अपने आपको सहारा देते हैं। बशर्ते आप भी अपना मजाक उड़ाना सीखें।’
विज्ञापन


नाकामी का भी मनाया जश्न
अनुपम खेर ने बताया कि नाकामियां हमें तोड़ती नहीं हैं, दोबारा उठने का माद्दा देती हैं। बकौल खेर, ‘एक बार मेरे पापा मुझे बीच स्कूल से ही बुला ले गए। उन्होंने शिमला के सबसे महंगे रेस्तरां में मुझे पार्टी दी। जब मैंने वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि तू हाईस्कूल फेल हो गया है। कहा, यह इसलिए ताकि तुझे जिंदगी भर याद रहे कि नाकामियों का भी जश्न मनाया जा सकता है।’
विज्ञापन
विज्ञापन


बाबा ने दिया था खुशी का मंत्र
खेर के बाबा ने शायद उनकी जिंदगी में सबसे अहम किरदार अदा किया। खेर जब मुंबई में संघर्ष कर रहे थे और उनकी रातें कभी रेलवे स्टेशन तो कभी बीच पर गुजरती थीं। उस दौरान उनके बाबा ने एक टेलीग्राम लिखकर उनसे कहा था कि भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता।


कुछ दिन और जी तोड़ मेहनत की और उन्हीं दिनों पहली फिल्म ‘आगमन’ का ऑफर मिला।

जब हो गए थे दिवालिया

अनुपम बताते हैं, ‘मुझे एमजीएम, वॉर्नर ब्रदर्स और अमिताभ बच्चन के एबीसीएल की तरह एक टायकून बनना था, लेकिन ऐसी हालत हुई कि दिवालिया होने की नौबत आ गई।’ इसी दौरान, खेर को मल्टी स्टारर फिल्म का एक सीन फिल्माना था। उन्हें फेशियल पैरालिसिस अटैक पड़ा।

डॉक्टर ने दो महीने आराम की चेतावनी दी, पर खेर ने वह सीन किया और दिखा दिया कि दृढ़ संकल्प से कुछ भी संभव है। गाड़ी फिर पटरी पर लौट आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed