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जमीन का फर्जीवाड़ा रोकने को बनेगी एंटी भू-माफिया सेल, मामला झूठा मिला तो होगी कार्रवाई
Thu, 13 Aug 2020 03:58 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 13 Aug 2020 03:58 PM IST
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पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ में जमीन-मकान के नाम पर फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा है। सैकड़ों मुकदमे थानों में लंबित हैं, जिनकी विवेचना चल रही है। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय को कई मामलों में धारा में छेड़छाड़ और आरोपियों के नाम निकालने के खेल की जानकारी हुई। इस पर अंकुश लगाने और फर्जीवाड़ा रोकने को अब उन्होंने विशेष कमेटी बनाई है।
जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को जल्द एंटी भू-माफिया सेल बनाया जाएगा। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक कमिश्नरेट क्षेत्र में जमीन व मकान के नाम पर धोखाधड़ी हो रही है। फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर कब्जे किए जा रहे हैं । इस तरह के मामलों में पीड़ित केस भी दर्ज करा रहे हैं, जिनकी विवेचना थानों में हो रही है।
हालांकि, कई मामलों में शिकायत मिली है कि विवेचक मुकदमों में धारा कम करने और आरोपियों के नाम हटाने का खेल कर रहे हैं। छानबीन के बाद इसकी पुष्टि भी हुई है। ऐसे में अब इन विवेचना पर निगरानी को जोन स्तर की विशेष कमेटी बनाई जा रही है। इसकी अध्यक्षता जेसीपी स्तर के अधिकारी करेंगे।
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पुलिस कमिश्नर के मुताबिक जेसीपी कानून व्यवस्था नवीन अरोड़ा को पूर्वी और दक्षिणी जोन का जिम्मा दिया गया है। वहीं, जेसीपी अपराध नीलाब्जा चौधरी को पश्चिम, उत्तर और मध्य जोन के मामलों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को जल्द एंटी भू-माफिया सेल बनाया जाएगा। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक कमिश्नरेट क्षेत्र में जमीन व मकान के नाम पर धोखाधड़ी हो रही है। फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर कब्जे किए जा रहे हैं । इस तरह के मामलों में पीड़ित केस भी दर्ज करा रहे हैं, जिनकी विवेचना थानों में हो रही है।
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हालांकि, कई मामलों में शिकायत मिली है कि विवेचक मुकदमों में धारा कम करने और आरोपियों के नाम हटाने का खेल कर रहे हैं। छानबीन के बाद इसकी पुष्टि भी हुई है। ऐसे में अब इन विवेचना पर निगरानी को जोन स्तर की विशेष कमेटी बनाई जा रही है। इसकी अध्यक्षता जेसीपी स्तर के अधिकारी करेंगे।
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पुलिस कमिश्नर के मुताबिक जेसीपी कानून व्यवस्था नवीन अरोड़ा को पूर्वी और दक्षिणी जोन का जिम्मा दिया गया है। वहीं, जेसीपी अपराध नीलाब्जा चौधरी को पश्चिम, उत्तर और मध्य जोन के मामलों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
50 लाख से अधिक की विवेचना पर विशेष नजर
पुलिस कमिश्नर ने पांच कमेटियां बनाई हैं। इनका काम दर्ज मुकदमों में विवेचक की मदद करना है। समय के अंदर चार्जशीट दाखिल करना और जरूरत पर अंतिम रिपोर्ट लगाना है। ये कमेटियां 50 लाख या इससे अधिक की संपत्ति के मामले देखेगी। साथ ही ऐसे मामले के विवेचक की कार्रवाई पर भी नजर रखेंगी। बिना इसकी अनुमति के न तो आरोपियों का नाम हटाया और न ही जोड़ा जा सकेगा। इसके लिए विवेचक को कमेटी की अनुमति लेनी होगी।
सुजीत पांडेय के मुताबिक एंटी भू-माफिया सेल का जल्द गठन होगा। इस पर शिकायत को विशेष नंबर जारी किए जाएंगे। सेल की खासियत होगी कि झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले के खिलाफ उन्हीं धाराओं में कार्रवाई होगी।
दो माह में सरकारी जमीनों पर कब्जे के 28 मामले
सुजीत पांडेय ने बताया कि बीते दो माह में सरकारी जमीनों पर कब्जे की 28 शिकायतें मिली हैं। पुलिस ने इनसे कब्जे हटवाए हैं। सभी मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी है। राजधानी पुलिस के पास एंटी भू-माफिया सेल थी, पर कुछ समय के बाद यह निष्क्रिय हो गई। अब एक बार फिर इसका गठन करने जा रही है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
सुजीत पांडेय के मुताबिक एंटी भू-माफिया सेल का जल्द गठन होगा। इस पर शिकायत को विशेष नंबर जारी किए जाएंगे। सेल की खासियत होगी कि झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले के खिलाफ उन्हीं धाराओं में कार्रवाई होगी।
दो माह में सरकारी जमीनों पर कब्जे के 28 मामले
सुजीत पांडेय ने बताया कि बीते दो माह में सरकारी जमीनों पर कब्जे की 28 शिकायतें मिली हैं। पुलिस ने इनसे कब्जे हटवाए हैं। सभी मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी है। राजधानी पुलिस के पास एंटी भू-माफिया सेल थी, पर कुछ समय के बाद यह निष्क्रिय हो गई। अब एक बार फिर इसका गठन करने जा रही है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।