ऑपरेशन के पहले और ऑपरेशन के बाद इन बातों का रखें ध्यान
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ऑपरेशन के पहले हर मरीज का एनेस्थेसिया चेकअप (पीएसी) जरूरी है। सर्जरी से पहले की जांच करने से ऑपरेशन थिएटर में होने वाली मौतों को 50 से 60 फीसदी कम किया जा सकता है।
यह कहना है डॉ.संदीप साहू का। वह पीजीआई में रविवार को आयोजित रिसर्च सोसाइटी एनेस्थीसियोलॉजी एंड क्लीनिकल फार्माकोलॉजी (आरएसएसीपी) के यूपी चैप्टर के गठन के मौके पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
डॉ.साहू ने बताया कि अगर मरीज को सांस,दिल की बीमारी,खून की कमी,मधुमेह जैसी बीमारी है तो ये पीएसी जांच के दौरान पता चल जाता है। ऐसे मरीज को पहले ऑपरेशन के लिए फिट किया जाता है तब सर्जरी की सलाह दी जाती है।
पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग के डॉ.संदीप साहू ने ‘कंट्रोवर्सीस इन क्लीनिक प्रैक्टिस इन एनेस्थीसिया’ विषय पर आयोजित सीएमई में बताया कि ऑपरेशन से पहले मरीज को बीमारी की गंभीरता और उसके इलाज के बारे में समझाने का मौका भी मिल जाता है।
ऑपरेशन के बाद इन बातों का रखें ध्यान
पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग के हेड प्रो.पीके सिंह ने बताया कि ऑपरेशन के बाद होने वाले दर्द से भी मरीज बहुत डरता है। इसमें भी एनेस्थेटिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उसकी जिम्मेदारी होती है कि दर्द का सही प्रबंधन करे। प्रो. देवेंद्र गुप्ता और प्रो.संजय धीराज ने बताया कि एनेस्थेसिस्ट हमेशा पर्दे के पीछे रहता है। अब इनको आगे आकर मरीज को बताना होगा कि सर्जरी के दौरान और बाद में क्या परेशानी हो सकती है।
मरीज की सहमति उसकी भाषा में लिखित रूप से लेने के जरूरत है। डॉक्टरी भाषा मरीज या उनके तीमारदार को समझ में नहीं आती है।
आएसएसीपी के नेशनल प्रेसीडेंट प्रो.अवतार सिंह ने कहा कि मरीज को अधिक खून चढ़ाने से बचना चाहिए क्योंकि यह भी एक बाहरी अंग होता है। जो मरीज को फायदा पहुंचाने के साथ ही नुकसान भी कर सकता है।