अमेठी राजमहल के लिए खूनी संघर्ष, सिपाही मरा
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कांग्रेस सांसद संजय सिंह और उनकी पहली पत्नी गरिमा सिंह के बेटे अनंत विक्रम सिंह के बीच विरासत की लड़ाई रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गई।
संजय सिंह और उनकी दूसरी पत्नी अमीता सिंह के रविवार को राजमहल आने की खबर पर वहां पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों में हिंसक संघर्ष में एक सिपाही की गोली लगने से मौत हो गई।
दोनों तरफ से सैकड़ों राउंड फायरिंग हुई और ईंट-पत्थर चले। इसी बीच करीब ढाई बजे दिन में सांसद संजय सिंह और उनकी पत्नी अमीता सिंह भूपति भवन के अंदर दाखिल हो गए। इस बवाल में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने लाठियां भाजीं तो भड़के लोग
भूपति भवन में भारी फोर्स जुटती देख रामनगर और आस-पास के गांवों के लोग लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने उन्हें वहां से हटने को कहा। इस बीच पुलिस ने कुछ लोगों को लाठियां भांजते हुए दौड़ा लिया। इससे लोग उग्र हो उठे और फोर्स पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की।
भीड़ ने की जवाबी फायरिंग, सिपाही को लगी गोली
भीड़ पीछे नहीं हटी तो फोर्स ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी। तब भीड़ की ओर से भी सैकड़ों राउंड गोलियां चलाई गईं। इसी दौरान अमेठी कोतवाली में तैनात सिपाही विजय मिश्र गोली लगने से घायल हो गया। विजय को जिला अस्पताल सुल्तानपुर में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
उग्र हुई पुलिस, जो भी दिखा, दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
सिपाही को गोली लगने से इस कदर उग्र हो गई कि सड़क पर जो भी दिखा, उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मीडियाकर्मियों को पीटा और उनके कैमरे व वाहन तोड़ दिए। सिपाहियों की पिटाई में करीब 15-20 लोग घायल हो गए। जिला अस्पताल में सिपाही की मौत हो जाने की सूचना पर भड़की फोर्स रामनगर सहित आस-पास के गांवों में भी घुस गई और जमकर तांडव मचाया।
मुख्यमंत्री ने मृतक आश्रितों को दिए 20 लाख रुपये
अमेठी राजघराने का यह विवाद करीब डेढ़ महीने से सड़क पर है। अनंत विक्रम अपनी मां गरिमा सिंह व पूरे परिवार के साथ 25 जुलाई से ही भूपति भवन में रह रहे हैं।
रविवार को जब संजय सिंह ने पुलिस प्रशासन को अमीता के साथ राजमहल पहुंचने की सूचना दी। तब शांति व्यवस्था बनाने के लिए एडीएम माताफेर व एएसपी मुन्नालाल के साथ ही जिले के सभी सीओ, थानाध्यक्ष व सैकड़ों पुलिस कर्मियों के अलावा बड़ी संख्या में आरएएफ और पीएसी लगा दी गई।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमेठी के बवाल में जान गंवाने वाले सिपाही विजय प्रताप मिश्र के आश्रितों को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
अनंत विक्रम के उकसाने पर हुई पत्थरबाजी
भूपति भवन रामनगर पहुंचे जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने कहा कि अनंत विक्रम सिंह ने फोन व एसएमएस करके अपने समर्थकों को रामनगर बुलाया था। अनंत विक्रम के उकसाने पर ही उनके समर्थकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
अनंत विक्रम बोले- दबाव में गुंडागर्दी पर उतरा प्रशासन
अनंत विक्रम सिंह ने आरोप लगाया कि संजय सिंह को राजमहल में दाखिल कराने के लिए जिला प्रशासन गुंडागर्दी पर उतर आई। पुलिस ने गेट का ताला तोड़कर संजय सिंह को राजमहल के भीतर दाखिल कराया। उन्होंने कहा कि मांगने के बाद भी शासन ने उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई।
अनंत विक्रम समेत 250 अज्ञात लोगों पर केस
भूपति भवन के सामने हुए बवाल के बीच सिपाही को गोली मारने की घटना के मामले में पुलिस ने अनंत विक्रम सिंह व उनके छह समर्थकों को नामजद करते हुए करीब 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।