छोटे आदमी की बड़ी कहानी है शाहरुख खान की फिल्म 'जीरो': डायरेक्टर आनंद एल राय
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शाहरुख खान की आने वाली फिल्म जीरो के डायरेक्टर आनंद एल राय का कहना है कि फिल्म 'जीरो' एक छोटे (बौने) आदमी की बड़ी कहानी है। एक ऐसा इंसान जो जिंदगी काटता नहीं बल्कि जिंदगी जीता है। वह लोगों को सीख देता है कि जिंदगी बेहद खूबसूरत होती है। हमारे पास कई कमियां होती हैं पर हम और बेटर की चाह में गुड को इंज्वॉय नहीं कर पाते। ऐसा नहीं होना चाहिए। फिल्म जीरो का बउवा सिंह भी यही सीख देता है।
फिल्म 'जीरो' के प्रमोशन के सिलसिले में लखनऊ स्थित अमर उजाला के ऑफिस आए आनंद एल राय ने बताया कि यह फिल्म मेरठ की पृष्ठभूमि पर आधारित है। आनंद पहले भी अपनी फिल्मों में छोटे शहरों के किरदार दिखाते रहे हैं। उनका कहना है कि ये जो स्माल टाउन होते हैं यही असली इंडिया है। दर्शक इसे पसंद कर रहे हैं। बतौर निर्देशक मेरे लिए भी इन छोटे शहरों व कस्बों की कहानी बताना आसान होता है।
तनु वेड्स मनु, तनु वेड्स मनु रिटर्न्स व रांझणा जैसी फिल्में बना चुके आनंद ने अपनी फिल्मों के विषयों के चुनाव पर कहा कि कहानी चुनते समय ही एक निर्देशक का डेयर पता चल जाता है। मुझे अलग कहानियां पसंद आती हैं इसलिए मैं ऐसी फिल्में बनाता हूं। डर किसी भी इंसान की क्रिएटिविटी को मार देता है। इसलिए डेयरिंग होना जरूरी है।
फिल्म की कहानी है इसकी यूएसपी
आनंद ने कहा कि शाहरुख का फिल्म में बौना होना ही इसकी यूएसपी नहीं है, बल्कि फिल्म की कहानी लोगों को पसंद आएगी। उन्होंने बताया कि शूटिंग की शुरुआत में शाहरुख कच्छा, बनियान पहनने में काफी झिझक कर रहे थे लेकिन धीरे-धीरे वो कम्फर्टेबल हो गए...। और फिर इतना कम्फर्टेबल हुए कि मुझे लगता है कि वो घर में भी शायद ऐसे ही घूमते होंगे।
लखनऊ से अपने जुड़ाव पर आनंद ने कहा कि ये शहर मेरे लिए मेरे दूसरे घर की तरह है। लखनऊ एक सांस लेता शहर है। जब भी यहां आता हूं लोगों से मिलता हूं, बहुत खुशी मिलती है।