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यूपी के रण के लिए भगवा सेना की ताकत परखेंगे अमित शाह

Thu, 09 Jul 2015 09:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Thu, 09 Jul 2015 09:40 PM IST
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Amit Shah to have a meet in Kanpur with BJP leaders.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को कानपुर में महासंपर्क अभियान की समीक्षा के बहाने उत्तर प्रदेश में संगठन की जड़ों की थाह लेंगे।

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बैठक के लिए जिस तैयारी के साथ सभी को बुलाया गया है और सांसदों, विधायकों व महापौरों को भी न्योता भेजा गया है, उससे यह संकेत मिलता है। प्रदेश पदाधिकारी, महासंपर्क अभियान के प्रभारी, जिला प्रवासी सहित अन्य संबंधित लोगों को भी बैठक में रहना है।
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लोकसभा चुनाव के बाद शाह पहली बार उप्र में एक साथ इतने नेताओं  की बैठक करेंगे। बताया जाता है कि उनका मकसद पार्टी के संगठनात्मक अभियान की प्रगति जांचने के साथ लोकसभा चुनाव के बाद से आज तक की परिस्थितियों के मद्देनजर सूबे में पार्टी की जड़ों की नापजोख करना भी है।
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वह पता लगाएंगे कि बीते एक साल में क्षेत्रवार पार्टी की स्थिति कैसी है। लोकसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में बने माहौल में पिछले एक साल के दौरान क्या-क्या और किस तरह के बदलाव आए हैं।

विधानसभा चुनाव 2017 का होगा आकलन

Amit Shah to have a meet in Kanpur with BJP leaders.

शाह की यह बैठक विधानसभा चुनाव 2017 के मद्देनजर स्थितियों का आकलन करने की प्रारंभिक कोशिश भी होगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शाह सभी लोगों को सामूहिक रूप से एक साथ बैठाकर इसलिए सूबे की सियासी नब्ज के बारे में जानना चाहते हैं ताकि बिना किसी लाग लपेट के वास्तविक स्थिति सामने आ जाए।

साथ ही सांसदों, विधायकों व महापौरों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों और उससे निपटने के उपायों के बारे में समझाया जा सके। नेताओं के दिमाग में यह बात भी बैठाई जाएगी कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनप्रतिनिधियों की भूमिका कितनी अहम है।

नेताओं में समन्वय की चिंता
लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी नेतृत्व को प्राय: हर बैठक में सांसदों का विधायकों व संगठन के लोगों से तालमेल न होने और संगठन की तरफ से भी जनप्रतिनिधियों को पार्टी के कामकाज में बहुत तवज्जो न देने की शिकायतें आ रही थी।

संगठन की तरफ से यह शिकायतें भी आ चुकी हैं कि पार्टी के कई सांसद क्षेत्र में समानांतर संगठन बनाकर काम कर रहे हैं। इससे पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं में हताशा और क्षोभ पैदा हो रहा है। ऐसी बातें महापौरों व विधायकों के बारे में भी सामने आई हैं।

माना जाता है कि कानपुर बैठक के जरिये राष्ट्रीय अध्यक्ष सभी को परस्पर संवाद और तालमेल की नसीहत देंगे। वह पार्टी की सदस्यता और महासंपर्क अभियान की जमीनी सच्चाई को भी समझने की कोशिश करेंगे।

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