अमित शाह बोले, आजम के कारण मुझे सजा दी गई
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भाजपा के प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने कहा है कि उनके और मो. आजम खां के बयान की तुलना नहीं की जा सकती।
‘मैने ऐसा कुछ कहा ही नहीं था। जहां तक मैं समझता हूं कि आजम के ऊपर प्रतिबंध लगाने के चलते संतुलन बनाने के लिए हमारे ऊपर भी प्रतिबंध लगा।’
टिकटों के बंटवारे पर खींचतान के बारे में कहा कि यह स्वाभाविक है परंतु अब सारे कार्यकर्ता पूरे उत्साह से जुट गए हैं।
शाह ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की मुख्य लड़ाई बसपा से हो रही है। चुनाव आयोग का प्रतिबंध हटने के बाद पहली बार लखनऊ आए शाह पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
महंगाई का बदला लेने की बात थी
शाह ने कहा कि स्वाभाविक रूप से वह आयोग के फैसले का स्वागत करेंगे। प्रसन्नता है कि मेरे जवाब से आयोग संतुष्ट हुआ और उसने प्रतिबंध से मुक्त किया।
कहा कि वैसे उन्होंने सिर्फ महंगाई का बदला लेने की ही बात ही कही थी। टिकटों के बटंवारे व नाराजगी के बारे में कहा कि प्रारंभ में कुछ नाराजगी भले ही रही हो लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है।
पार्टी में कोई खींचतान नहीं है। सभी एकजुटता से चुनाव लड़ रहे हैं। अतीत में टिकटों के बंटवारे पर लोग धरना-प्रदर्शन करने लखनऊ कार्यालय पहुंच जाते थे। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ।
कांग्रेस मुकाबले में नहीं
शाह ने कहा कि भाजपा की लड़ाई बसपा से ही होती दिख रही है। कांग्रेस दूर-दूर तक लड़ाई में नहीं है।
उन्होंने याद दिलाया कि वह शुरू से ही यह मानते थे कि भाजपा की लड़ाई बसपा से ही होगी। उस समय लोगों को इसमें अतिश्योक्ति लगी होगी।
पर, आज यही तस्वीर दिखाई दे रही है। सीटों की अनुमानित संख्या के बारे में कहा कि भाजपा अपना काम कर रही है।
सपा पर बोलने से बचे
शाह ने कांग्रेस और बसपा पर तो निशाना साधा लेकिन सपा पर कुछ नहीं बोले, जबकि भाजपा के मुकाबले सपा ही उत्तर प्रदेश में नजर आ रही है।
गौरतलब है कि अमित शाह पर चुनाव आयोग ने कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के कारण चुनाव प्रचार करने से प्रतिबंध लगा दिया था।
लेकिन अमित शाह का जवाब दाखिल होने के बाद आयोग ने उन पर भरोसा करते हुए प्रतिबंध हटा लिया।
प्रतिबंध हटने के बाद भी शाह लगातार चुनाव आयोग की निगारानी में रहेंगे।