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Ameenabad Bazar: 200 साल पुराने अमीनाबाद को विरासत बाजार बनाने की तैयारी, मुगलों के समय हुआ था निर्माण

Sat, 29 Jul 2023 10:34 AM IST
ishwar ashish प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 29 Jul 2023 10:34 AM IST
सार

अगर टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में प्रस्ताव मंजूर हुआ तो अमीनाबाद देश का पहला विरासत बाजार बनेगा। इसके तहत बाहर करने के बजाय पटरी दुकानदार व्यवस्थित किए जाएंगे।

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Aminabad bazar will become the Virasat Bazar.
अमीनाबाद बाजार का एक दृश्य। - फोटो : amar ujala

विस्तार

दो सौ साल से ज्यादा पुराने अमीनाबाद बाजार को विरासत बाजार बनाने की तैयारी है। टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा। ऐसा हुआ तो अमीनाबाद देश का पहला विरासत बाजार होगा। इसे लेकर पूर्व में चर्चा तो हुई, पर कोई निर्णय नहीं हुआ था। अब फेरी नीति के तहत प्रस्ताव बनाकर टीवीसी की बैठक में रखा जाएगा। विरासत बाजार बनने के बाद वैध पटरी दुकानदारों को हटाने के बजाय यहां व्यवस्थित किया जाएगा। साथ ही अतिक्रमण पर भी अंकुश लगेगा।

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यह प्रस्ताव अमीनाबाद पटरी दुकानदार सेवा समिति के अध्यक्ष रमाशंकर गुप्ता और महामंत्री गोकुल प्रसाद ने तैयार किया है। दोनों ने बताया कि प्रोटेक्शन ऑफ लिवलीहुड एंड रेग्युलेशन ऑफ स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट 2014 में प्रावधान है कि जो पटरी बाजार 50 साल से अधिक पुराने हैं वहां न तो दुकानदारों और न ही अस्थायी निर्माण को हटाया जाएगा। इन्हें विरासत बाजार का दर्जा दिया जाएगा।
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मुगलों के समय बसा, 1906 में पुनर्निमाण
पटरी दुकानदार नेता और टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य गोकुल प्रसाद बताते हैं कि अमीनाबाद बाजार मुगलों के समय बसा था। हालांकि, इसका पुनर्निमाण म्यूनिसिपल कमेटी के अध्यक्ष बाबू गंगा प्रसाद के समय 1906 में हुआ था। पहले घंटाघर और झंडेवाला पार्क एक ही था। फिर इसे अलग-अलग कर बीच से सड़क निकाली गई। यह बाजार इंग्लैंड के बाजार की तर्ज पर है। इसे ऐसे बनाया गया था कि कोई बरामदे से ही बिना सड़क पर आए ही पूरे बाजार में खरीदरी कर सकता था। इससे धूप, बारिश में भी परेशानी नहीं होती। अब तो अतिक्रमण से बरामदे ही नहीं बचे हैं।


बाजार में हैं 900 पटरी दुकानदार
अमीनाबाद बाजार में करीब 900 पटरी दुकानदार हैं। फेरी नीति के तहत इन्हें व्यवस्थित करने की पहल कई सालों से चल रही है। यहां पक्के दुकानदार भी अतिक्रमण, कब्जा और निर्माण किए हैं। इससे बाजार को व्यवस्थित करने की प्रशासन की पहल कई बार फेल हो चुकी है। अतिक्रमण विरोधी अभियान चलता है तो छोटे और बड़े दुकानदार एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं। अमीनाबाद विरासत बाजार बना तो काफी हद तक विवाद दूर हो सकता है।

...इसलिए शुरू हुई पहल
गोकुल बताते हैं कि बाजारों से धीरे-धीरे ऐतिहासिक महत्व कम हो रहा है। विरासत बाजार की पहल इसलिए शुरू हुई, ताकि पुरातत्व महत्व की चीजों को सहेजा जा सके। अमीनाबाद बाजार की अब भी पुरानी पहचान है। यहां गड़बड़झाला में लोग पतली गलियों में एक-दूसरे से कंधा बचाकर नहीं निकल सकते हैं। घरेलू उपयोग के साथ वैवाहिक व अन्य आयोजनों का सारा सामान यहां मिलता है।

अगली बैठक में लाएंगे प्रस्ताव कराएंगे पास
टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य गोकुल प्रसाद और रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि अगली बैठक में वे इस प्रस्ताव को रखेंगे। पिछली बार इस पर चर्चा हुई, पर प्रशासन इसे लेकर रिपोर्ट ही नहीं बना सका। ऐसे में अब फेरी नीति के तहत विधिवत प्रस्ताव लाया जाएगा और उसे पास कराया जाएगा। अभी देश में कोई विरासत बाजार नहीं है।

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