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अमेठी हत्याकांड: पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- कड़ी कार्रवाई होती तो पूरे परिवार का सफाया न होता
Sat, 05 Oct 2024 05:21 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 05 Oct 2024 05:21 PM IST
सार
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं बची है। इस घटना के लिए पुलिस भी जिम्मेदार है। यदि कड़ी कार्रवाई होती तो पूरे परिवार का सफाया न होता।
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पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अमेठी में शिक्षक, उसकी पत्नी व बच्चों का रायबरेली में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। शनिवार को गोलाघाट में हुए अंतिम संस्कार में कई नेता शामिल हुए। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की होती तो वारदात को टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं बची है। इस घटना के लिए पुलिस भी जिम्मेदार है। यदि कड़ी कार्रवाई होती तो पूरे परिवार का सफाया न होता। उन्होंने शिक्षक के परिजनों से मिलकर शोक भी जताया।
अमेठी हत्याकांड में सामने आया है कि आरोपी युवक चंदन वर्मा के खिलाफ 18 अगस्त को छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी पर पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। बृहस्पतिवार की रात को आरोपी ने अमेठी के शिवरतनगंज में शिक्षक, उसकी पत्नी और दोनों मासूम बेटियों की गोली मारकर हत्या कर दी। शुक्रवार को युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पीड़ित के परिजनों ने सीएम योगी से की मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर अमेठी हत्याकांड के पीड़ितों से मुलाकात की और उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ितों की सभी मांगों को मान लिया है साथ ही मामले में रायबरेली पुलिस की भूमिका की भी जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पांच बीघा जमीन के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीएम योगी से पीड़ित परिजनों की मुलाकात के दौरान ऊंचाहार से विधायक डॉ. मनोज पांडेय भी मौजूद रहे। उन्होंने पहले भी कहा था कि पुलिस ने मृतक शिक्षक की पत्नी से हुई छेड़छाड़ के मामले को गंभीरता से नहीं लिया था सिर्फ मुकदमा दर्ज किया था। अगर उसी समय कड़ी कार्रवाई करती तो हत्याकांड को रोका जा सकता था।
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इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की होती तो वारदात को टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं बची है। इस घटना के लिए पुलिस भी जिम्मेदार है। यदि कड़ी कार्रवाई होती तो पूरे परिवार का सफाया न होता। उन्होंने शिक्षक के परिजनों से मिलकर शोक भी जताया।
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अमेठी हत्याकांड में सामने आया है कि आरोपी युवक चंदन वर्मा के खिलाफ 18 अगस्त को छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी पर पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। बृहस्पतिवार की रात को आरोपी ने अमेठी के शिवरतनगंज में शिक्षक, उसकी पत्नी और दोनों मासूम बेटियों की गोली मारकर हत्या कर दी। शुक्रवार को युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पीड़ित के परिजनों ने सीएम योगी से की मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर अमेठी हत्याकांड के पीड़ितों से मुलाकात की और उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ितों की सभी मांगों को मान लिया है साथ ही मामले में रायबरेली पुलिस की भूमिका की भी जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पांच बीघा जमीन के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीएम योगी से पीड़ित परिजनों की मुलाकात के दौरान ऊंचाहार से विधायक डॉ. मनोज पांडेय भी मौजूद रहे। उन्होंने पहले भी कहा था कि पुलिस ने मृतक शिक्षक की पत्नी से हुई छेड़छाड़ के मामले को गंभीरता से नहीं लिया था सिर्फ मुकदमा दर्ज किया था। अगर उसी समय कड़ी कार्रवाई करती तो हत्याकांड को रोका जा सकता था।