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जन-सुनवाई में अमेठी-कासगंज अव्वल, लखनऊ की 55वीं रैंक
Sat, 10 Aug 2019 03:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
महेंद्र तिवारी, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 10 Aug 2019 03:58 AM IST
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तहसील से लेकर कलेक्टर-कप्तान और मुख्यमंत्री तक अपना दु:ख-दर्द पहुंचाने वाले लोगों की समस्याओं के समाधान में अमेठी और कासगंज जिले संयुक्त रूप से प्रदेश में अव्वल आए हैं। टॉप-10 में बुंदेलखंड के सात में से तीन जिले शामिल हैं।
हालांकि, बड़े शहर जहां के कलेक्टर की कुर्सी पाने की आईएएस अफसरों में होड़ लगी रहती है, उनमें से कोई भी जिला इस सूची में शामिल नहीं है। सरकार ने जुलाई की रैंकिंग जारी की है।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज सहित मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर के कलेक्टर भी मुख्यमंत्री के सर्वाधिक जोर वाले इस काम में 50वीं रैंक के भी नीचे हैं। टॉप-10 में बुंदेलखंड के सात में से तीन जिले झांसी, ललितपुर व जालौन शामिल हैं। बड़े महानगरों से जुड़े किसी भी जिले के कलेक्टर इस कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। ऐसा एक भी जिला टॉप-10 में शामिल नहीं है।
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हालांकि, बड़े शहर जहां के कलेक्टर की कुर्सी पाने की आईएएस अफसरों में होड़ लगी रहती है, उनमें से कोई भी जिला इस सूची में शामिल नहीं है। सरकार ने जुलाई की रैंकिंग जारी की है।
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लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज सहित मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर के कलेक्टर भी मुख्यमंत्री के सर्वाधिक जोर वाले इस काम में 50वीं रैंक के भी नीचे हैं। टॉप-10 में बुंदेलखंड के सात में से तीन जिले झांसी, ललितपुर व जालौन शामिल हैं। बड़े महानगरों से जुड़े किसी भी जिले के कलेक्टर इस कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। ऐसा एक भी जिला टॉप-10 में शामिल नहीं है।
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ऐसे होती है रैंकिंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आम लोगों की समस्याओं के संतुष्टिपूर्ण समाधान पर लगातार जोर दे रहे हैं। सरकार ने इस निर्देश पर अमल के लिए कुछ मानक तय किए हैं। इसी कसौटी पर जिलाधिकारियों का आकलन किया जाता है। प्रदेश सरकार आम लोगों द्वारा तहसील से लेकर मुख्यमंत्री तक की जाने वाली मैनुअल शिकायतों की ऑनलाइन फीडिंग कराती है। लोग खुद भी जन-सुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें करते हैं।
इन शिकायतों को निस्तारण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाता है। जिलाधिकारी द्वारा तय समय में इसे निस्तारणकर्ता अधिकारी को भेजने, निस्तारणकर्ता अधिकारी द्वारा उस पर कार्रवाई करने और शिकायतों के गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण जैसे कई मानक ोंके आधार पर जिलों की रैंकिंग की जाती है। अब मातहत अधिकारी के स्तर पर लंबित कार्यवाही भी कलेक्टर के खाते में दर्ज की जाने लगी है।
टॉप-10 में ये 11 जिले
जिला रैंक
अमेठी 1
कासगंज 1
बिजनौर 3
मुजफ्फरनगर 3
रायबरेली 3
झांसी 6
ललितपुर 6
एटा 8
हरदोई 8
जालौन 10
हाथरस 10
अंतिम पायदान वाले 10 जिले
जिला रैंक
गाजीपुर 75
कुशीनगर 74
सिद्धार्थनगर 73
गोंडा 72
प्रयागराज 70
चंदौली 70
संतकबीरनगर 69
बाराबंकी 67
बांदा 67
कानपुर नगर 66
सीएम-हेल्पलाइन की शिकायतें भी जुड़ेंगी
ऑनलाइन शिकायतों की निस्तारण प्रणाली में सीएम-हेल्पलाइन-1076 पर दर्ज कराई जाने वाली शिकायतें भी जोड़ी जाएंगी। इनके निस्तारण को भी इसी कसौटी पर परखा जाएगा और यह कलेक्टर के मूल्यांकन का आधार बनेगी। इस संबंध में कार्यवाही के निर्देश दे दिए गए हैं।
इन शिकायतों को निस्तारण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाता है। जिलाधिकारी द्वारा तय समय में इसे निस्तारणकर्ता अधिकारी को भेजने, निस्तारणकर्ता अधिकारी द्वारा उस पर कार्रवाई करने और शिकायतों के गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण जैसे कई मानक ोंके आधार पर जिलों की रैंकिंग की जाती है। अब मातहत अधिकारी के स्तर पर लंबित कार्यवाही भी कलेक्टर के खाते में दर्ज की जाने लगी है।
टॉप-10 में ये 11 जिले
जिला रैंक
अमेठी 1
कासगंज 1
बिजनौर 3
मुजफ्फरनगर 3
रायबरेली 3
झांसी 6
ललितपुर 6
एटा 8
हरदोई 8
जालौन 10
हाथरस 10
अंतिम पायदान वाले 10 जिले
जिला रैंक
गाजीपुर 75
कुशीनगर 74
सिद्धार्थनगर 73
गोंडा 72
प्रयागराज 70
चंदौली 70
संतकबीरनगर 69
बाराबंकी 67
बांदा 67
कानपुर नगर 66
सीएम-हेल्पलाइन की शिकायतें भी जुड़ेंगी
ऑनलाइन शिकायतों की निस्तारण प्रणाली में सीएम-हेल्पलाइन-1076 पर दर्ज कराई जाने वाली शिकायतें भी जोड़ी जाएंगी। इनके निस्तारण को भी इसी कसौटी पर परखा जाएगा और यह कलेक्टर के मूल्यांकन का आधार बनेगी। इस संबंध में कार्यवाही के निर्देश दे दिए गए हैं।