महिला व्यवसाई की हत्या: सिपाही की गिरफ्तारी व केस दर्ज करने की जिद पर अड़े परिजन, अंतिम संस्कार से किया इन्कार
महिला व्यवसाई की हत्या मामले में मृतक के भाई ने पुलिस पर सिपाही को बचाने और जीजा को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। महिला की हत्या अमेठी कोतवाली क्षेत्र में हुई थी।
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महिला व्यवसाई की हत्या मामले में पुलिस विभाग की किरकरी हो रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिजन भड़क गए। परिजन सिपाही पर केस दर्ज करने व गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ गए हैं। मान मनौव्वल का दौर जारी है।
कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर रोड स्थित आवास विकास कालोनी निवासी आलोक अग्रहरि की पत्नी दिव्या अग्रहरि की शनिवार दोपहर घर में घुसकर दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पति आलोक अग्रहरि ने एक सिपाही पर हत्या का आरोप लगाया था। जबकि मृतक के भाई ने जीजा पर ही हत्या करने का आशंका जताई थी।
रविवार को चिकित्सकों के पैनल ने वीडियो कैमरे की निगरानी में मृतक का पोस्टमार्टम किया। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटीमार्टम इंजरी आई है, बिसरा भी सुरक्षित किया गया है। हालांकि पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कह रही है।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव घर पहुंचा तो परिजनों की करुण वेदना के बीच आक्रोश बढ़ गया। मृतक के भाई ने दूसरे दिन पुलिस पर सिपाही को बचाने व जीजा को हिरासत में लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। परिजन सिपाही पर केस दर्ज होने पर गिरफ्तारी होने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़ गए हैं। परिजनों की जिद देख पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए।
मृतका के फोन में राज, पुलिस खोज नहीं पाई मोबाइल
दिव्या की मौत के बाद मोबाइल में कई राज होने की बात मीडिया को पुलिस ने बताई थी। घटना के बाद से मृतका का मोबाइल फोन गायब है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने सीडीआर निकालकर पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने पति को भी हिरासत में लिया है।
पुलिस पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप
मृतका के भाई मुंशीगज निवासी संजीव कुमार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संजीव ने बताया कि घटना के बाद से उसके जीजा आलोक अग्रहरि उर्फ चंदन को ही पकड़कर 30 घंटे से हिरासत में रखा गया है। जबकि सिपाही ने ही बहन की हत्या की है, वही हत्या करके मोबाइल लेकर चला गया है।
तीन दिन पहले सिपाही से हुआ था झगड़ा
मृतक के भाई ने तीन दिन पहले सिपाही के घर आने व बहन से झगड़ा करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि शनिवार को उसके जीजा के घर से जाने के बाद बहन की हत्या सिपाही ने की है। मृतक के मोबाइल में कई रहस्य है, जिनकी जांच पुलिस नहीं कर पा रही है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाले की नहीं हो पाई पहचान
महिला व्यवसायी के घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में 9 बजकर 23 मिनट पर पति बाहर निकला। उसके बाद नौ बजकर 29 मिनट पर दुकान के पीछे साइड से एक अज्ञात व्यक्ति दुकान के अंदर जाते दिखा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया है, लेकिन 24 घंटे बाद भी फुटेज में दिखने वाले की पहचान नहीं कर पाई है।
आखिरकार किसे बचा रही पुलिस
महिला व्यवसायी की हत्या मामले में आखिरकार पुलिस किसे बचा रही है। पति को हिरासत में लेना, पति की बातों पर यकीन नहीं करना और जांच से पहले ही आत्महत्या की बात कहना किसी को समझ नहीं आ रहा है। लोग दबी जुबान कह रहे हैं कि पुलिस सिपाही को बचाने को किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
सिपाही के खिलाफ पति ने दी तहरीर
शव पहुंचने के बाद परिजनों का प्रदर्शन देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। परिजनों की मांग व जिद को देखते हुए आखिरकार पुलिस ने आलोक अग्रहरि की तहरीर ली। तहरीर पर आलोक अग्रहरि ने सिपाही का नामजद करते हुए कई आरोप लगाए हैं।
मामले की होगी निष्पक्ष जांच
सपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। मृतका के भाई की ओर से शनिवार को आरोप लगाए जाने के बाद पति को हिरासत में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई। हर पहलू की जांच हो रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।