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अमेरिकन कंपनी करेगी केजीएमयू में विसंक्रमण
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अमेरिकन कंपनी करेगी केजीएमयू में विसंक्रमण
पीजीआई भी करेगा सहयोग, कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
केजीएमयू में कैंडिडा आरिस का संक्रमण पाए जाने के बाद विसंक्रमण (इंफेक्शन कंट्रोल) को लेकर खास तौर पर सावधानी बरती जा रही है। यहां वेंटिलेटर यूनिट को अमेरिकन तकनीक से विसंक्रमित किया जाएगा। इसके लिए यूएस की निजी कंपनी मदद करेगी। वह यहां के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देगी। इसे लेकर केजीएमयू व कंपनी के बीच क रार हुआ है। इसमें एसजीपीजीआई भी सहयोग करेगा।
केजीएमयू की वेंटिलेटर यूनिट में कैंडिडा आरिस फंगस पाया गया था। इससे दो मरीजों की मौत हो गई थी। इस कारण वेंटिलेटर यूनिट के एक वार्ड में कई दिनों तक मरीज भर्ती नहीं किए गए। वहीं, उन्नाव रेपकांड की पीड़िता में भी संक्रमण पाया गया था। इस पर केजीएमयू प्रशासन विसंक्रमण को प्राथमिकता दे रहा है। इसके लिए यूएस की एफडीए सपोर्ट कंपनी से मदद ली जा रही है। इसके लिए करार हुआ है। इसमें एसजीपीजीआई की टीम भी सहयोगी की भूमिका में होगी। यह ट्रॉमा सर्जरी विभाग के आरएसओ वार्ड व ऑपरेशन थिएटर को विसंक्रमित करने के बाद ट्रॉमा वेंटिलेटर यूनिट में भी काम करेगी।
केजीएमयू की सह मीडिया प्रभारी और माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. शीतल वर्मा का कहना है कि संक्रमण रोकने के लिए ऑपरेशन थिएटर, वेंटिलेटर यूनिट को विसंक्रमित किया जाता है। वहीं, प्रशिक्षण के बाद कर्मचारी भविष्य में खुद ही विसंक्रमित कर सकेंगे।
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पीजीआई भी करेगा सहयोग, कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
केजीएमयू में कैंडिडा आरिस का संक्रमण पाए जाने के बाद विसंक्रमण (इंफेक्शन कंट्रोल) को लेकर खास तौर पर सावधानी बरती जा रही है। यहां वेंटिलेटर यूनिट को अमेरिकन तकनीक से विसंक्रमित किया जाएगा। इसके लिए यूएस की निजी कंपनी मदद करेगी। वह यहां के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देगी। इसे लेकर केजीएमयू व कंपनी के बीच क रार हुआ है। इसमें एसजीपीजीआई भी सहयोग करेगा।
केजीएमयू की वेंटिलेटर यूनिट में कैंडिडा आरिस फंगस पाया गया था। इससे दो मरीजों की मौत हो गई थी। इस कारण वेंटिलेटर यूनिट के एक वार्ड में कई दिनों तक मरीज भर्ती नहीं किए गए। वहीं, उन्नाव रेपकांड की पीड़िता में भी संक्रमण पाया गया था। इस पर केजीएमयू प्रशासन विसंक्रमण को प्राथमिकता दे रहा है। इसके लिए यूएस की एफडीए सपोर्ट कंपनी से मदद ली जा रही है। इसके लिए करार हुआ है। इसमें एसजीपीजीआई की टीम भी सहयोगी की भूमिका में होगी। यह ट्रॉमा सर्जरी विभाग के आरएसओ वार्ड व ऑपरेशन थिएटर को विसंक्रमित करने के बाद ट्रॉमा वेंटिलेटर यूनिट में भी काम करेगी।
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केजीएमयू की सह मीडिया प्रभारी और माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. शीतल वर्मा का कहना है कि संक्रमण रोकने के लिए ऑपरेशन थिएटर, वेंटिलेटर यूनिट को विसंक्रमित किया जाता है। वहीं, प्रशिक्षण के बाद कर्मचारी भविष्य में खुद ही विसंक्रमित कर सकेंगे।
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