{"_id":"68a4e5f66f28853faf071cf4","slug":"ambulances-got-stuck-in-a-jam-at-the-gate-of-balrampur-hospital-patients-kept-suffering-lucknow-news-c-13-1-vns1028-1345077-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बलरामपुर अस्पताल के गेट पर जाम में फंसीं एंबुलेंस, तड़पते रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बलरामपुर अस्पताल के गेट पर जाम में फंसीं एंबुलेंस, तड़पते रहे मरीज
विज्ञापन
जाम में फंसी एंबुलेंस में सवार झुलसी हुई बच्ची के साथ परिजन।
- फोटो : संवाद
लखनऊ। सिविल अस्पताल से रेफर हुई गंभीर रूप से झुलसी बच्ची रोहानिका को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी तक पहुंचने में एक घंटा लग गया। रास्ते में सरकारी एंबुलेंस आधे घंटे तक अस्पताल गेट पर जाम में फंसी रही और बच्ची दर्द से तड़पती रही। ऐसा ही हाल अन्य मरीजों का भी हुआ जो दूसरे जिलों या अन्य चिकित्सा केंद्रों से एंबुलेंस में सवार होकर बलरामपुर अस्पताल पहुंचे थे।
मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सीएमओ कार्यालय से लेकर बलरामपुर अस्पताल गेट तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही। डेढ़ घंटे तक मरीज, तीमारदार और आम लोग सड़क पर फंसे रहे। दोपहर करीब 11:45 से 1:15 बजे तक क्रिश्चियन कॉलेज, गोलागंज रोड और बलरामपुर अस्पताल के आसपास यातायात व्यवस्था बेपटरी रही। रोडवेज बसें और अव्यवस्थित खड़े चार पहिया वाहन जाम का बड़ा कारण बने। कई लोगों ने अपनी गाड़ियां सड़क किनारे छोड़ दी थीं, जिससे हालात और बिगड़ गए।
ई रिक्शा में सवार मरीज भी फंसे : जाम के दौरान एंबुलेंस और गर्भवती महिलाओं को लाने वाले ई रिक्शे भी अस्पताल के अंदर तक पहुंचने के लिए रेंगते रहे। मरीजों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो गया। बलरामपुर चौकी और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने अस्पताल के गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय दुकानदारों के साथ मिलकर जद्दोजहद की, तब जाकर जाम खुला और यातायात व्यवस्था पटरी पर लौटी।
विज्ञापन
समन्वय न होने से बढ़ी परेशानी : अस्पताल कर्मियों के अनुसार मुख्य मार्ग पर रोडवेज बसों की आवाजाही जाम की मुख्य वजह है। इसके अलावा रोजाना बड़ी संख्या में दूर-दूर से लोग निजी वाहनों से अस्पताल आते हैं। इन वाहनों को व्यवस्थित खड़ा कराने के लिए न तो पर्याप्त संख्या में कर्मचारी हैं न पुलिसकर्मी। यहां इलाकाई व ट्रैफिक पुलिस, रोडवेज और परिवहन विभाग के बीच समन्वय का अभाव है, जिससे जाम की समस्या विकराल होती जा रही है।
--
अस्पताल गेट पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए परिवहन विभाग के अफसरों को दो बार पत्र भेजा गया है। इसमें रोडवेज बस का रूट डायवर्जन किए जाने की मांग हुई थीे। संबंधित विभाग को फिर से रिमाइंडर भेजा जा रहा है। - डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी, सीएमएस, बलरामपुर अस्पताल
--
बसों का मार्ग बदले जाने के लिए कोई भी पत्र नहीं मिला है। बस का रूट अकेले रोडवेज तय नहीं करता है। इसमें ट्रैफिक पुलिस की भी भूमिका होती है। अस्पताल गेट पर जाम की स्थिति बन रही है तो इसे दिखवाया जाएगा। - आरके त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज
--
बसें अस्पताल के सामने से न गुजरें इसके लिए बस अड्डा शिफ्ट करने को लिए पत्राचार जारी है। तब तक स्थानीय पुलिस के समन्वय करते हुए ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। प्रयास होगा कि जाम की स्थिति पैदा न हो। - कमलेश दीक्षित, डीसीपी ट्रैफिक
विज्ञापन
मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सीएमओ कार्यालय से लेकर बलरामपुर अस्पताल गेट तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही। डेढ़ घंटे तक मरीज, तीमारदार और आम लोग सड़क पर फंसे रहे। दोपहर करीब 11:45 से 1:15 बजे तक क्रिश्चियन कॉलेज, गोलागंज रोड और बलरामपुर अस्पताल के आसपास यातायात व्यवस्था बेपटरी रही। रोडवेज बसें और अव्यवस्थित खड़े चार पहिया वाहन जाम का बड़ा कारण बने। कई लोगों ने अपनी गाड़ियां सड़क किनारे छोड़ दी थीं, जिससे हालात और बिगड़ गए।
विज्ञापन
ई रिक्शा में सवार मरीज भी फंसे : जाम के दौरान एंबुलेंस और गर्भवती महिलाओं को लाने वाले ई रिक्शे भी अस्पताल के अंदर तक पहुंचने के लिए रेंगते रहे। मरीजों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो गया। बलरामपुर चौकी और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने अस्पताल के गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय दुकानदारों के साथ मिलकर जद्दोजहद की, तब जाकर जाम खुला और यातायात व्यवस्था पटरी पर लौटी।
विज्ञापन
समन्वय न होने से बढ़ी परेशानी : अस्पताल कर्मियों के अनुसार मुख्य मार्ग पर रोडवेज बसों की आवाजाही जाम की मुख्य वजह है। इसके अलावा रोजाना बड़ी संख्या में दूर-दूर से लोग निजी वाहनों से अस्पताल आते हैं। इन वाहनों को व्यवस्थित खड़ा कराने के लिए न तो पर्याप्त संख्या में कर्मचारी हैं न पुलिसकर्मी। यहां इलाकाई व ट्रैफिक पुलिस, रोडवेज और परिवहन विभाग के बीच समन्वय का अभाव है, जिससे जाम की समस्या विकराल होती जा रही है।
अस्पताल गेट पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए परिवहन विभाग के अफसरों को दो बार पत्र भेजा गया है। इसमें रोडवेज बस का रूट डायवर्जन किए जाने की मांग हुई थीे। संबंधित विभाग को फिर से रिमाइंडर भेजा जा रहा है। - डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी, सीएमएस, बलरामपुर अस्पताल
बसों का मार्ग बदले जाने के लिए कोई भी पत्र नहीं मिला है। बस का रूट अकेले रोडवेज तय नहीं करता है। इसमें ट्रैफिक पुलिस की भी भूमिका होती है। अस्पताल गेट पर जाम की स्थिति बन रही है तो इसे दिखवाया जाएगा। - आरके त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज
बसें अस्पताल के सामने से न गुजरें इसके लिए बस अड्डा शिफ्ट करने को लिए पत्राचार जारी है। तब तक स्थानीय पुलिस के समन्वय करते हुए ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। प्रयास होगा कि जाम की स्थिति पैदा न हो। - कमलेश दीक्षित, डीसीपी ट्रैफिक