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UP: निधन के 11 साल बाद कार्यवाहक सीएमओ का कमरा खुला तो लोगों के होश उड़े, 22.48 लाख के पुराने नोट मिले
Sun, 06 Jul 2025 08:34 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 06 Jul 2025 08:34 PM IST
सार
सीएमओ ने कमेटी का गठन कर 11 वर्ष बाद कमरे का ताला खुलवाया तो अंदर का दृश्य देखकर लोगों के होश उड़ गए। उनका निधन 2014 में हो गया था।
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वर्ष 2014 में एसीएमओ व कार्यवाहक सीएमओ पद पर कार्यरत डॉ. ब्रह्मनारायण तिवारी के निधन के करीब 11 साल बाद उनका सरकारी आवास खुलवाया गया तो लोगों के होश उड़ गए। कमरे में अन्य घरेलू सामान के अलावा एक हजार व पांच सौ के 22 लाख रुपये के पुराने नोट मिले हैं। वीडियोग्राफी के बीच नोटों की गिनती कराई गई। इसके बाद इन्हें सुरक्षित रखवाकर विभागीय अधिकारियों को अग्रिम कार्रवाई पूरी करने के लिए पत्राचार किया गया है।
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दरअसल, सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल के निर्देश पर पीएचसी मीरानपुर में बने चिकित्सा अधिकारियों के चार आवासों की मरम्मत कराई जा रही है। इनमें से नीचे वाले आवास में स्व. डॉ. ब्रह्मनाराण तिवारी निवासी ग्राम रामगढ़ा जनपद प्रतापगढ़ रहते थे। 29 जनवरी 2014 को उनका आकस्मिक निधन हो गया था। मृत्यु के समय वह अकेले ही रहते थे। उनके आवास में रखे सामान के बंटवारे को लेकर परिवार के लोगों में विवाद हो गया था। इसके बाद पुलिस ने आवास में ताला लगवा दिया था। तब से आवास में न कोई अंदर गया और न बाहर आया। बीते दिनों जब मरम्मत की प्रक्रिया शुरू हुई तो सीएमओ ने आवास पर विवाद या मुकदमे की सूचना पुलिस से मांगी थी। पुलिस की रिपोर्ट में कोई मामला विचाराधीन न होने पर सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. मारकंडेय की समिति बनाई। साथ ही स्टोर कीपर हरगोविंद, पारसनाथ को सामग्री की सूची बनाने के लिए नामित किया।
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तीन जुलाई को समिति ने वीडियोग्राफी के बीच आवास का ताला खुलवाया। यहां अन्य सामान के अलावा पुराने एक हजार रुपये के 776 नोट करीब 7.60 लाख रुपये, पांच सौ रुपये के 2945 नोट करीब 14.72 लाख रुपये व एक पांच रुपये का सिक्का भी मिला है। इस प्रकार कुल 22,48,505 रुपये मिले हैं। सीएमओ ने प्रमुख सचिव, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, एडी, डीएम व एसपी को पत्राचार कर इस धनराशि का परीक्षण करते हुए राजकीय कोष में जमा करवाने की मांग की है। सीएमओ ने बताया कि धनराशि कहां से आई, इसकी कोई जानकारी नहीं है।