फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   amarujala pratibha samman

है आसमानों से ऊंचा उड़ने की ख्वाहिश

Mon, 05 Aug 2013 12:22 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 05 Aug 2013 12:22 PM IST
विज्ञापन
amarujala pratibha samman

'मंजिलें उन्हें मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है!'

विज्ञापन


इन होनहारों के पास न सपनों की कमी है और न हौसले की। सूबे के सभी मेधावी एक छत के नीचे जुटे हों, तो माहौल कैसा होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है। 'अमर उजाला प्रतिभा सम्मान समारोह' में हिस्सा लेने आए ये बच्चे राज्य के अलग-अलग कोने से आए हैं, लेकिन इन सभी की बातों से एक चीज साफ है। ये उड़ान को तैयार हैं और हार मानना इन्हें नहीं आता।

हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के इम्तहान में ऊंचे अंकों को अपनी मेहनत से बौना बनाने वाले इन बच्चों में से कई ऐसे हैं, जिनका उत्साह चरम पर है। सूबे के सीएम सोमवार को इन बच्चों को सम्मानित करेंगे और इस बात का जोश ऐसा है कि बच्चे रात में ठीक से सो नहीं पा रहे। या इन होनहारों के सपने इनकी नींद नहीं लगने दे रहे।
विज्ञापन


amarujala pratibha sammanउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलने की चाह प्रदेश के लगभग सभी युवाओं को है, क्योंकि उन्हें इस सूबे के यूथ आइकन का दर्जा भी हासिल है। प्रतिभा सम्मान समारोह में हिस्सा लेने लखनऊ आए प्रदेश के छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव अमर उजाला से साझा किया, तो यकीन हो गया कि ख्वाबों को बांधना किसी के बूते में नहीं। ये सभी बच्चे अपने जिले, मंडल या अपने स्कूल के टॉपर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 90 फीसदी से ज्यादा अंक बटोरने वाले इन मेधावियों में से ज्यादातर आईएएस अफसर बनना चाहते हैं। वजह पूछने पर सभी का कहना है, 'समाज और देश में महंगाई, भ्रष्टाचार, गरीबी जैसी कई पेचीदा समस्याएं हैं और प्रशासन का हिस्सा बने बगैर उनसे लड़ना मुमकिन नहीं है।'

बहराइच जिले से आईं प्रियंका शुक्ला और पद्मिनी वर्मा छठी क्लास से एक साथ पढ़ाई कर रहीं हैं। इंटरमीडिएट की परीक्षा में पद्मिनी के 95, जबकि प्रियंका के 93.2 फीसदी अंक हैं। इन दोनों की ख्वाहिश आईएएस बनने की है।

ये पूछने पर कि इतने लंबे वक्त से पहले या दूसरे पायदान पर रहने के कारण एक-दूजे से जलन नहीं होती, तो दोनों ने एकस्वर में जवाब दिया, 'कतई नहीं, बल्कि हम एक-दूसरे की मदद करते हैं।' वे दोनों आगे भी साथ रहने चाहती हैं, इसलिए आईएएस में किस्मत आजमाने का लक्ष्य बनाया है।

amarujala pratibha sammanकुछ ऐसी भी हैं, जिनके ख्वाब अलग-अलग दिशा में एकसाथ उड़ने की हैं। हाई स्कूल में 91 फीसदी अंक बटोरने वाली बुशरा खान ने अपने जिले में टॉप किया है। यह पूछने पर कि आगे क्या बनना चाहती हैं, बुशरा ने कहा, 'मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं और उसके लिए सीपीएमटी में ट्राई करना चाहती हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'वैसे तो मैं नेता बनना चाहती हूं, क्योंकि ताकत तो उन्हीं के पास है। लेकिन पहले डॉक्टर बनूंगी।'

अब बात छात्रों की। समूह में से आधे आईएएस तक की उड़ान चाहते हैं और आधे इंजीनियर बनने की तैयारी में हैं। हर दिन कम से कम छह घंटे की पढ़ाई और लाइट जाने पर मोमबत्तियों में पढ़ने से गुरेज न करने वाले इन बच्चों को इस तरह के सम्मान समारोह की कितनी जरूरत है, यह उन्होंने बेबाकी से बताया।

श्रावस्ती से आए एक छात्र ने कहा, 'ऐसे सम्मान समारोह की हमें जरूरत है। सीएम से मुलाकात भर की बात सुनने से ही गर्व से सीना चौड़ा है। ऐसा सम्मान होता है, तो हौसला दोगुना हो जाता है।'


ऐसी ही कहानियां कमोबेश सभी छात्रों की हैं। इन छात्रों का मानना है कि इनके सपने और इनके हौसलों की उड़ान को सम्मान देकर अखिलेश यादव पंख लगाने जैसा काम कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed