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Amarujala Krishika 2024: जीवामृत और घनामृत प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी गुणवत्ता, जैविक खाद्य से बढ़ेगा उत्पादन

Tue, 10 Dec 2024 10:06 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 10 Dec 2024 10:06 AM IST
सार

राजधानी लखनऊ में सोमवार को अमर उजाला कृषिका कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सुबह 10 बजे से हुआ। इसका समापन शाम 5 बजे हुआ। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।

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Amarujala Krishika 2024: Quality of production will increase through Jeevamrit and Ghanamrit natural farming
स्टॉलों का अवलोकन करते सीएम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कृषिका कार्यक्रम के तहत लगे अलग-अलग स्टॉलों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवलोकन किया। स्टॉल संचालकों ने कृषि उत्पादन, नई तकनीकी व कृषि कार्य के बारे में जानकारी दी। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रदर्शनी में जीवामृत ( जैविक खाद्य) व घनामृत ( गोबर की खाद्य) जैसे उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से खाद्यान्न उत्पादन के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई है। इस तरह की खेती से उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा और किसानों को इसका लाभ मिलेगा। 
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सीएम ने कहा कि कृषिका शब्द के अनेक अर्थ होते हैं। इसका एक अर्थ-कृषि की देवी तथा दूसरा अर्थ-समृद्धि है। मुझे विश्वास है कि अपने नाम के अनुरूप ‘कृषिका: खेती से समृद्धि की ओर’ कार्यक्रम प्रदेश के किसानों को समृद्धि की ओर ले जाने में सहायक होगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती में थोड़ा प्रसास करना पड़ता है, लेकिन प्रति एकड़ उत्पादन अच्छा होता है। यदि पेस्टिसाइड और रसायनों से खेती की तुलना करें तो किसानों की प्रति एकड़ 10 हजार से 12 हजार रुपये की बचत होती है। उत्पादित अन्न न केवल स्वास्थ्य वर्धक होता है बल्कि केमिकल फर्टिलाइजर्स और पेस्टिसाइड के जहर से छुटकारा मिलता है।

समृद्धि की बातों से मुख्यमंत्री प्रभावित, कहा शाबाश

उम्र में छोटी लेकिन, बातें बड़ी- बड़ी। पांचवीं कक्षा में पढ़ रहीं 10 साल की समृद्धि सक्सेना के विचार इतने प्रासंगित थे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें शाबाशी देने से खुद को रोक नहीं पाए। मौका था अमर उजाला कृषिका कार्यक्रम की। समृद्धि अपने पिता संदीप सक्सेना के साथ सुबोही स्टॉल पर मौजूद थीं। स्टॉल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने समृद्धि से बात की। इस दौरान उन्होंने पढ़ाई और भविष्य के बारे में जानकारी ली।



समृद्धि ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा और पापा के कार्यों से प्रभावित होकर शुभकामनाएं दी। समृद्धि ने बताया कि बड़े होकर स्टॉटअप करेंगे और पिता के व्यापार को संभालेंगे। संदीप ने बताया कि बिना मिश्रण के शुद्ध दूध की यहां बिक्री होती है। इससे शरीर को लाभ मिलता है। ज्यादातर व्यापारी दूध में रासायानिक पदार्थों की मिलावट करते हैं और उसे बेचते हैं इससे शरीर को नुकसान तो होता ही है साथ ही काम को प्रभावित करते हैं।

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