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अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट: भेड़िए के आतंक पर प्रशासन के दावे हवा-हवाई, कई गांव अंधेरे में डूबे मिले

Wed, 04 Sep 2024 07:06 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच
अमर उजाला संवाद, बहराइच Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 04 Sep 2024 07:06 AM IST
सार

Wolf terror in UP: यूपी के बहराइच जिले में पिछले 50 दिनों से भेड़िए का आतंक है। शासन इसको लेकर तमाम तरह के दावे तो कर रहा है लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट में यह हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। 

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Amar Ujala Ground Report: Administration's claims on wolf terror false, many villages found immersed in darkne
भेड़िए के हमले में बालिका की मौत की मां का ढांढस बंधातीं डीएम - फोटो : सूचना विभाग

विस्तार

साहब हमारी ग्राम पंचायत औराही में ही तीन मार्च को पहली बार भेड़िया ने हमला किया था। इसके बाद गांव में बड़ी-बड़ी गाड़ियों का रेला उमड़ा था। अधिकारियों ने बिजली, सौर ऊर्जा, दरवाजे और सुरक्षा के प्रबंध के वादे किए थे। वन टीमें भी आईं और गोला-पटाखा दिया, लेकिन अगस्त महीने में हुई बारिश से रास्ते पर पानी भर गया। इसके बाद एक महीना बीतने को है। कोई गांव नहीं आया है। करीब 450 लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। बिजली के खंभों पर प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। रातभर जाग कर टार्च व लाठी के सहारे परिजनों की सुरक्षा कर रहे हैं।
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यह आपबीती अमर उजाला टीम से औराही निवासी नीरज कुमार, अवधेश, राहुल निषाद व प्रवीण ने बयां की। टीम ने कुछ और गांवों की भी पड़ताल की। प्रस्तुत है अमित पांडेय, जितेन्द्र दीक्षित, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, पुनीत चौरसिया व शिवाजी अवस्थी की रिपोर्ट...।
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बेबसी: रास्ता सही हो तो हमारी सुरक्षा भी हो
वर्मापुरवा में गांव के बाहर रखवाली कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सुरक्षा के लिए कोई टीम नहीं आती है। रास्ते पर भरे पानी के चलते प्रशासनिक अधिकारी भी यहां आने से कतरा रहे हैं। डीएम मैडम अगर रास्ता सही करवा दें तो हो सकता है हमारी भी सुरक्षा हो जाए। ग्रामीणों ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते कई घरों में दरवाजे भी नहीं लगे हैं।
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सिकंदरपुर में मिले पीएसी जवान
हम सात बजे सिकंदरपुर गांव पहुंचे। सन्नाटा रहा। इस दौरान सड़क किनारे दो पीएसी जवान तैनात मिले। गांव की रखवाली में जुटे ग्रामीण भी हाथों में लाठी-डंडा लेकर टहल रहे थे।

सन्नाटे में रास्ते, सिर्फ दिखे बड़े वाहन
सिकंदरपुर से औराजी जाने वाले मार्ग पर शाम 7:20 बजे ही सन्नाटा रहा। औराही पहुंचने तक सिर्फ दो बोलेरो मिलीं, वहीं रास्ते में मिले एक चौराहे पर सारी दुकानें बंद रहीं। लोग घरों में कैद नजर आए।

घरों में नहीं मिले दरवाजे, अंधेरे में गांव

Amar Ujala Ground Report: Administration's claims on wolf terror false, many villages found immersed in darkne
अभी यह तय नहीं कि कितने भेड़िए अभी और हैं। - फोटो : अमर उजाला
सिकंदरपुर गांव के दर्जनों घरों में दरवाजे नहीं मिले। गांव की गलियों में घुप्प अंधेरा रहा। कुछ स्थानों पर बिजली पोलों पर लाइट जलती मिली। यही नजारा औराही का भी रहा। ग्रामीणों ने बताया कि अभी कहीं भी हाईमास्ट या सोलर लाइट नहीं लगाई गई है। टार्च के सहारे सुरक्षा की जा रही है।

भेड़ों को बचाने के लिए बाहर लेटते हैं
घरों के बाहर लेटे कुछ ग्रामीणों से हमले का हवाला देते हुए सवाल किये गये। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोगों ने भेड़ पाल रखी हैं। भेड़िया भेड़ों पर हमला कर उन्हें न उठा ले जाए, इसलिए मजबूरी में बाहर लेटते हैं।

अंजली के गांव में बिजली कटौती
नव्वन गरेठी निवासी पांच वर्षीय अंजली को रविवार की रात भेड़िया ने निवाला बनाया था। इसके बावजूद पूरा गांव अंधेरे में डूबा नजर आया। सिर्फ कवरेज करने पहुंचे रिपोर्टरों के कैमरों व ग्रामीणों की टार्च का प्रकाश दिखा। ग्रामीण नीलेश तिवारी, मानू, जितेन्द्र नाथ तिवारी, मुनीम, मनमोहन ने बताया कि एक घंटे से बिजली गायब है। फोन करने के बाद भी सप्लाई बहाल नहीं की गई।

नहीं दिखे जिम्मेदार, ग्रामीण बोले तीन बार आया भेड़िया
नव्वन गरेठी में रविवार की रात ही भेड़िया ने मासूम अंजली को निवाला बनाया था, लेकिन घटना के 18 घंटे बाद कोई भी जिम्मेदार गांव में नहीं मिला। मौके पर न वन विभाग की टीम रही और न पुलिस और राजस्व विभाग की ही। ग्रामीणों ने बताया कि अंजली को निवाला बनाने के बाद तीन बार भेड़िया यहां आ चुका है। वन विभाग को फोन करने पर वीडियो बनाकर भेजने की बात कही जाती है।

बेटी की मौत के बाद खुद के पैसे से लगवाया दरवाजा
घर में दरवाजा न होने से भेड़िया मां नीलू के पास से उसकी लाडली अंजली को खींच ले गया था। सोमवार रात जब हम मृतका अंजली के घर पहुंचे तो दरवाजा लगा मिला। मां नीलू ने बताया कि उन्होंने अपने पैसे से दरवाजा लगवाया है। प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
 
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