फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Amar Singh meets to Mulayam again.

मुलायम से फिर मिले अमर, जानें, इस बार क्या हुआ

Thu, 17 Sep 2015 10:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 17 Sep 2015 10:57 PM IST
विज्ञापन
Amar Singh meets to Mulayam again.

पूर्व सांसद अमर सिंह की सपा में वापसी की अटकलें एक बार फिर शुरू हो गई हैं। पिछले चार दिन में वे दूसरी बार सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले। माना जा रहा है कि उन्होंने यूपी के हालात से लेकर बिहार चुनाव तक पर चर्चा की।

विज्ञापन


पिछले एक साल से अमर सिंह की मुलायम सिंह से नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं। अक्सर वे मुलायम से मिलने आते हैं तो कभी मुलायम उनके घर पहुंच जाते हैं। अमर ने लखनऊ आकर चार दिन पहले ही सपा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। हालांकि वे इन्हें सियासी के बजाय निजी मुलाकात बताते हैं।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को फिर वे मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष से मिले। इन मुलाकातों के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि अधिकृत तौर पर पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अमर सिंह की सपा में वापसी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि वे कभी पार्टी से दूर नहीं थे। सपा के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले हैं। उधर, मुलायम भी सार्वजनिक तौर पर अमर सिंह की प्रशंसा करते रहे हैं। वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव कह चुके हैं कि उनसे पारिवारिक संबंध हैं और सपा में वापसी का ऐलान जल्द ही खुद अमर सिंह करेंगे।

...इसलिए और भी संभावना

Amar Singh meets to Mulayam again.

मुलायम से मुलाकात के बाद अमर सिंह के सपा के राष्ट्रीय महासचिव किरनमय नंदा के साथ कोलकाता जाने की चर्चा थी। हालांकि नंदा ने टेलीफोन पर बातचीत में अमर सिंह से मुलाकात और उनके साथ कोलकाता जाने की बात से इन्कार किया।

उन्होंने कहा कि वे शुक्रवार को पटना पहुंचकर दोपहर बाद वहां चार दलों की समन्वय समिति की बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर अमर सिंह के साथ किसी चर्चा से भी इन्कार किया।

कयासबाजी की ये भी वजह
अमर सिंह की सपा में वापसी के कयासों की वजह भी है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डालें तो उनका रुख ठीक मुलायम सिंह जैसा है। इस केमिस्ट्री को अनायास नहीं माना जा रहा है। चार दिन पहले अमर ने बिहार में महागठबंधन से अलग होने के सपा के फैसले को सही ठहराया था।

कहा था, जिस महागठबंधन के मुलायम अध्यक्ष रहे हों, उसे मात्र चार-पांच सीट देना उनका अपमान था जबकि आधार खो चुकी कांग्रेस को 40 सीटें दी गईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुलायम की तारीफ किए जाने के पीछे किसी राजनीतिक डील से इन्कार किया था। वे इसे लोकतंत्र की सियासी संस्कृति मानते हैं।

कहते हैं, कई मौकों पर अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने भी मुलायम की प्रशंसा की थी। वे मुलायम सिंह को सांप्रदायिकता के खिलाफ सेकुलरिज्म का चैंपियन मानते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed