जेल में अमनमणि को मिल रहे लजीज पकवान, वीवीआईपी ट्रीटमेंट!
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जिला कारागार में बंद अमनमणि त्रिपाठी बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती होने की कोशिश कर रहा है। बुधवार को उसने सिर दर्द और उलझन का नाटक शुरू कर दिया। वीआईपी बैरक में वह हाथ-पैर मारते हुए चीखने लगा।
प्रधान बंदी रक्षक उसे जिला कारागार के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे दो इंजेक्शन लगाए और दवाएं देकर वापस भेज दिया।
उधर, जेल सूत्रों का कहना है कि अमनमणि को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। जेल में उसका खास खयाल रखा जा रहा है।
परिवार के सदस्यों और परिचितों के नाम पर मिलने-जुलने वाले बेरोकटोक आ-जा रहे हैं। अमनमणि को उसकी पसंद के नाश्ते के साथ ही लंच और डिनर में लजीज व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
वीआईपी बैरक में उसे सिर्फ अकेलेपन की समस्या है। यही वजह है कि अमनमणि ने बीते दो दिन लगातार सामान्य बैरक में शिफ्ट करने की बात कही। हालांकि, कारागार प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा करने से इन्कार कर दिया।
फोरेंसिक की कहानी कर रही है हैरान
वहीं पांच फोरेंसिक एक्सपर्ट ने छह दिन की माथापच्ची के बाद सारा की मौत के रहस्य से परदा उठ जाने का दावा तो कर दिया, लेकिन गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझती नजर आ रही है।
दरअसल, फोरेंसिक टीम ने मौत की वजह हादसा साबित की है। इसके लिए जो कहानी बनाई है, वह गले उतरना मुश्किल है। रिपोर्ट कहती है, कार का एक रिम टूटने से अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई। दूसरा रिम मुड़ जाने से सारा को इतनी चोट आई कि उसकी मौत हो गई।
सड़क पर कार के टायर घिसे हुए थे। कार एक तरफ से क्षतिग्रस्त थी। पीछे के एक पहिये का रिम मुड़ा था। आगे के एक पहिए का रिम टूटा था। इस आधार पर हादसा बताया गया। इसके बाद साबित किया गया कि सारा की मौत कैसे हुई और अमनमणि घायल होने से कैसे बचा?
कार अमनमणि चला रहा था। सारा आगे की सीट पर उसके बगल में बैठी थी। जांच से जुड़े सूत्रों ने रिपोर्ट के बारे में बताया कि सारा की सीट के ठीक पीछे वाले पहिये का रिम टूटा मिला। जबकि अमनमणि की सीट के आगे वाले पहिये का रिम मुड़ा हुआ मिला। इसी आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई।