जानिए,जेल में कैसी गुजरी अमनमणि त्रिपाठी की पहली रात
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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का बेटा व अपहरण का आरोपी अमनमणि जिला कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक के सन्नाटे से घबरा गया है। शनिवार को जेल अफसर बैरक में अमनमणि का हालचाल लेने पहुंचे तो उसने आम बंदियों की तरह सामान्य बैरक में रहने की इच्छा जताई।
अमनमणि ने कहा कि उसे सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया जाए। हालांकि,जेल अफसरों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए इससे इन्कार कर दिया।जिला कारागार के सूत्रों ने बताया कि हाई सिक्योरिटी बैरक में अमनमणि के पहले चौबीस घंटे बहुत भारी गुजरे।
शनिवार को मिलाई न होने के चलते अमनमणि का परिचितों-करीबियों और रिश्तेदारों से संपर्क नहीं हो सका। इसके चलते वह उलझन में रहा। गर्मी और उमस के चलते उसे न तो रात को नींद आई न ही दिन में।
आम बंदियों के साथ रहना चाहता था अमनमणि
सुबह 11 बजे और शाम करीब साढ़े छह बजे उसने कारागार के भंडारे में बना साधारण खाना खाया। दोपहर को मुआयना करने पहुंचे जिला कारागार के अफसरों से उसने बैरक बदलने की बात कही।
अमनमणि ने कहा कि वह सामान्य बैरक में रहना चाहता है जहां अन्य बंदी भी हों। कारागार अफसरों ने वजह पूछी तो उसने सन्नाटा और तन्हाई की बात कही। कारागार सूत्रों ने बताया कि अफसरों ने पूर्व मंत्री का बेटा और सपा सरकार का करीबी होने के नाते उसकी सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए शिफ्टिंग से इनकार कर दिया।
जिला कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में भी अमनमणि का रसूख कम नहीं हुआ। यहां उसकी सुरक्षा के लिए एक बंदी रक्षक,एक होमगार्ड और दो लंबरदार तैनात किए गए हैं। कारागार सूत्रों का कहना है कि यह चार कर्मचारी सुरक्षा के नाम पर हैं, लेकिन इनका असली काम अमनमणि की सेवा और देखभाल करना है।
कपड़े न होने से नहा नहीं सका अमनमणि
शुक्रवार शाम जब अमनमणि को जिला कारागार में दाखिल किया गया,वह खाली हाथ था। उसके पास कपड़े थे न ही रोजमर्रा की जरूरत का अन्य सामान। शनिवार को मिलाई न होने के चलते कोई उसे कपड़े व अन्य जरूरत का सामान देने भी नहीं आ सका।
कारागार सूत्रों ने बताया कि सुबह अमनमणि नहा नहीं सका। हाल-चाल लेने आए अफसरों से उसने कपड़ों की व्यवस्था करने की बात कही। अफसरों ने रविवार को ही कुछ इंतजाम करने के लिए कहा है।