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तीन घंटे चले नाटक व बवाल के बाद अमनमणि जेल में

Fri, 10 Jul 2015 10:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला,लखनऊ Updated Fri, 10 Jul 2015 10:49 PM IST
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amanmani tripathi create ruckus in lucknow civil hospital

ठेकेदार के अपहरण के मामले में फीरोजाबाद में गिरफ्तार अमनमणि त्रिपाठी और उसके समर्थकों ने शुक्रवार सुबह सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के दौरान जमकर बवाल किया। जेल जाने से बचने के लिए बेहोश होकर गिरने का नाटक किया।

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मीडियाकर्मी कवरेज करने लगे तो झपट्टा मारकर एक टीवी चैनल के पत्रकार का कैमरा तोड़ दिया। विरोध करने पर उसने मीडियाकर्मियों से मारपीट की। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया तो समर्थकों ने उनसे गाली-गलौज व हाथापाई की।
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डॉक्टरों के अमनमणि को स्वस्थ बताने पर पुलिसकर्मी उसे कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाने लगे तो समर्थक धक्का-मुक्की व हंगामा करने लगे। पुलिस ने दो समर्थकों को हिरासत में लिया है।
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करीब तीन घंटे तक अस्पताल में अराजकता के माहौल के बाद अमनमणि को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

इस तरह आया पुलिस की पकड़ में

amanmani tripathi create ruckus in lucknow civil hospital

पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि के खिलाफ गौतमपल्ली थाना में गोरखपुर के ठेकेदार ऋषि कुमार पांडेय के अपहरण की एफआईआर दर्ज है। कोर्ट ने उसे फरार घोषित किया था। बृहस्पतिवार को पत्नी सारा के साथ कार से दिल्ली जाते वक्त फीरोजाबाद में उसका एक्सीडेंट हो गया था।

हादसे में सारा की मौत हो गई थी जबकि अमनमणि को पुलिस ने गौतमपल्ली थाना में दर्ज अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार सुबह फीरोजाबाद पुलिस उसे राजधानी लेकर आई और गौतमपल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

बीमारी का नाटक किया लेकिन जांच में मिली सिर्फ एक खरोंच
गौतमपल्ली थाने के सिपाही सुधीर कुमार और छोटेलाल सुबह 7.45 बजे अमनमणि को अस्पताल लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही उसने बीमारी का नाटक शुरू कर दिया।  हंगामा और बवाल की आशंका से सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा फोर्स लेकर अस्पताल पहुंच गए।

डॉक्टर ने उसे स्वस्थ बताया तो अमनमणि ने सीने में दर्द की शिकायत की। हालांकि, डॉक्टरों की जांच और ईसीजी में कोई समस्या नहीं पाई गई। इसके बाद उसने बाएं कंधे में दर्द बताया। डॉक्टरों ने कंधे और सीने का एक्सरे कराने की सलाह दी। मेडिकल परीक्षण में उसके बायें पैर में सिर्फ एक खरोंच पाई गई है।

सुबह से ही थाने के चक्कर लगा रहे थे समर्थक

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अमनमणि को राजधानी लाए जाने की जानकारी पाकर समर्थक सुबह छह बजे से ही गौतमपल्ली थाना के चक्कर काटने लगे थे। सुबह करीब साढ़े सात बजे फीरोजाबाद पुलिस उसे थाना लेकर आई तो परिवार के कुछ सदस्य भी आ गए। यहां कागजी कार्रवाई के बाद मेडिकल परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। समर्थक अपनी-अपनी गाड़ियों से उसके पीछे-पीछे सिविल अस्पताल और फिर कोर्ट और जेल तक गए।

हंगामा-मारपीट में गोरखपुर के छात्र व एडवोकेट गिरफ्तार
सिविल अस्पताल में हंगामा और मीडियाकर्मियों से मारपीट व तोड़फोड़ के आरोप में हजरतगंज पुलिस ने गोरखपुर के अलीनगर निवासी एमए के छात्र संजय कुमार और महानगर निवासी एडवोकेट राज त्रिवेदी को पकड़ा है।

इंस्पेक्टर विजयमल यादव ने बताया कि दोनों के खिलाफ एक टीवी चैनल के संवाददाता पीयूष त्रिपाठी ने मारपीट, तोड़फोड़, गाली-गलौज व धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोनों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पत्नी के अंतिम दर्शन तक न हुए, कोर्ट ने खारिज की अर्जी
अमनमणि पत्नी सारा के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सका। गौतमपल्ली पुलिस ने अमनमणि को एसीजेएम इंदुप्रकाश की कोर्ट में पेश किया था जहां उसके वकील ने जमानत और पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की दो अर्जियां दी। कोर्ट ने दोनों अर्जियां खारिज करते हुए अमनमणि को 24 जुलाई तक की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया।

बेटी का चेहरा निहारती रही मां, भाई ने दी मुखाग्नि

amanmani tripathi create ruckus in lucknow civil hospital

सारा का शव बैकुंठधाम पहुंचते ही माहौल गमगीन हो उठा। मां सीमा सिंह बेटी का चेहरा निहारती रहीं। बेटी की विदाई उनसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी। वह रह-रहकर रोने लगतीं। भाई सिद्धार्थ ने मुखाग्नि दी। सारा के मामा व गृह सचिव एसके रघुवंशी सहित अन्य रिश्तेदारों ने दुखी परिवार को ढांढस बंधाया। सिद्धार्थ ने सारा की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान कई बार अमनमणि के अंतिम संस्कार में शामिल होने की चर्चा आती रही।

कलेजे से चिपटाए रखे बेटी के रुमाल
बैकुंठधाम में सीमा सिंह के हाथ में गुलाबी और पीले रंग के दो रुमाल थे। रोते-रोते जब वह रुमाल को देखतीं तो फिर से हिचकियां बंध जातीं। एक रिश्तेदार ने उनसे रुमाल चिता में ही जलाने को कहा तो सीमा भावुक हो उठीं। उन्होंने रुमाल कलेजे से चिपटा लिए। बोलीं, यह बेटी की निशानी है। इसे नहीं जलाऊंगी।

पुलिस से की सड़क हादसे की जांच की मांग
सारा की मां सीमा सिंह ने बेटी की मौत पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि बेटी तो चली गई। अब पुलिस को जांच करनी है। उन्होंने पुलिस से सड़क हादसे की गहराई से जांच करने की मांग की। परिवार के अन्य सदस्यों ने फिलहाल सारा की मौत को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया है।

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