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25 साल की लड़ाई के बाद आवंटियों को मिली दोहरी जीत, प्लॉट संग ब्याज का पैसा भी मिलेगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 25 Aug 2018 02:58 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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करीब 25 साल की लंबी लड़ाई के बाद लखनऊ में नेहरू एंक्लेव के 63 आवंटियों को दोहरी जीत हासिल हुई है। उनके भूखंड तो मिलेंगे ही, साथ ही उनको प्लॉट की कीमत से ज्यादा एलडीए से ब्याज में पैसा भी मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एलडीए नेहरू एंक्लेव के उन आवंटियों को प्लॉट के साथ पैसा भी दे रहा है, वह पहले समायोजन के तौर पर फ्लैट दे रहा था और वह भी वर्तमान दर पर।
इसमें आवंटियों को अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च खर्च करने पड़ते। गोमती नगर की नेहरू एंक्लेव योजना में एलडीए ने फ्लैट के साथ ही प्लॉट योजना भी लॉन्च की थी, लेकिन सेना से विवाद के कारण एलडीए वहां पर आवंटियों को जमीन का कब्जा नहीं दे सका।
ऐसा तब हुआ जब बहुत से आवंटियों ने पूरा पैसा जमा कर दिया था। विवाद लंबा खिंचने के कारण कई आवंटियों ने उसी समय अपना समायोजन दूसरी योजनाओं में करा लिया, लेकिन जो इंतजार करते रहे उनका समायोजन भी नहीं हो पाया।
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करीब आठ साल पहले एलडीए ने समायोजन के तौर पर आवंटियों को बिना लाटरी फ्लैट आवंटित करने की बात कही थी, लेकिन उसके लिए फ्लैट की कीमत मौजूदा दर पर ही मांगी गई थी। इसे लेकर आवंटी तैयार नहीं हुए और उनकी कानूनी लड़ाई चलती रही। अब उन्हें बड़ी जीत मिली। न्यायालय के आदेश का लाभ अब उन लोगों को एलडीए नहीं देगा जो अपना पैसा वापस ले चुके हैं।
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इसमें आवंटियों को अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च खर्च करने पड़ते। गोमती नगर की नेहरू एंक्लेव योजना में एलडीए ने फ्लैट के साथ ही प्लॉट योजना भी लॉन्च की थी, लेकिन सेना से विवाद के कारण एलडीए वहां पर आवंटियों को जमीन का कब्जा नहीं दे सका।
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ऐसा तब हुआ जब बहुत से आवंटियों ने पूरा पैसा जमा कर दिया था। विवाद लंबा खिंचने के कारण कई आवंटियों ने उसी समय अपना समायोजन दूसरी योजनाओं में करा लिया, लेकिन जो इंतजार करते रहे उनका समायोजन भी नहीं हो पाया।
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करीब आठ साल पहले एलडीए ने समायोजन के तौर पर आवंटियों को बिना लाटरी फ्लैट आवंटित करने की बात कही थी, लेकिन उसके लिए फ्लैट की कीमत मौजूदा दर पर ही मांगी गई थी। इसे लेकर आवंटी तैयार नहीं हुए और उनकी कानूनी लड़ाई चलती रही। अब उन्हें बड़ी जीत मिली। न्यायालय के आदेश का लाभ अब उन लोगों को एलडीए नहीं देगा जो अपना पैसा वापस ले चुके हैं।
रु 1.90 लाख का प्लाट, 3.82 लाख मिलेगा ब्याज
उदाहरण के तौर पर 1993 में जिस आवंटी को नेहरू एंक्लेव योजना में 200 वर्ग मीटर का प्लॉट आवंटित हुआ था उसको 1.90 लाख रुपये एलडीए में जमा करने पड़े थे। अब न्यायालय के आदेश के बाद एलडीए आवंटी को उतना बड़ा ही प्लॉट देना पड़ रहा है, साथ ही ब्याज के तौर पर 3.82 लाख रुपये अलग से देने पड़ रहे हैं। इसे लेकर अब कास्टिंग विभाग ने अपना काम भी शुरू कर दिया है। शुक्रवार को करीब तीन दर्जन प्लॉटों की कास्टिंग का काम भी पूरा कर लिया गया। अब जल्द ही उनको कब्जा भी दे दिया जाएगा।
यह है खास
- न्यायालय के निर्णय के बाद एलडीए ने जो आदेश जारी किया है उसके तहत जिन आवंटियों ने पूरा पैसा जमा कर दिया है उनको एलडीए जमा राशि पर आठ प्रतिशत की दर से ब्याज देगा।
- जिन आवंटियों ने पूरा पैसा नहीं जमा किया है उन पर बकाया राशि पर 16 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज दर की बजाय साधारण दर पर ब्याज लिया जाएगा।
- आवंटियों को उतना बड़ा ही प्लॉट दिया जाएगा जितने वर्ग मीटर का उनको आवंटित हुआ था। इसके लिए अलग से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
- रजिस्ट्री पर स्टांप पुरानी कीमत के आधार पर ही लिया जाएगा।
समाप्त होगा पुराना विवाद
नेहरू एंक्लेव योजना के आवंटियों को शारदा नगर विस्तार योजना में समायोजित कर प्लाट दिए जा रहे हैं। उनको अदा की गई कीमत पर ही उतना ही बड़ा प्लाट दिया जा रहा है। इससे एक बड़ा पुराना विवाद समाप्त हो जाएगा और उन आवंटियाें को प्लॉट भी मिल जाएगा। - पीएन सिंह, एलडीए वीसी
यह है खास
- न्यायालय के निर्णय के बाद एलडीए ने जो आदेश जारी किया है उसके तहत जिन आवंटियों ने पूरा पैसा जमा कर दिया है उनको एलडीए जमा राशि पर आठ प्रतिशत की दर से ब्याज देगा।
- जिन आवंटियों ने पूरा पैसा नहीं जमा किया है उन पर बकाया राशि पर 16 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज दर की बजाय साधारण दर पर ब्याज लिया जाएगा।
- आवंटियों को उतना बड़ा ही प्लॉट दिया जाएगा जितने वर्ग मीटर का उनको आवंटित हुआ था। इसके लिए अलग से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
- रजिस्ट्री पर स्टांप पुरानी कीमत के आधार पर ही लिया जाएगा।
समाप्त होगा पुराना विवाद
नेहरू एंक्लेव योजना के आवंटियों को शारदा नगर विस्तार योजना में समायोजित कर प्लाट दिए जा रहे हैं। उनको अदा की गई कीमत पर ही उतना ही बड़ा प्लाट दिया जा रहा है। इससे एक बड़ा पुराना विवाद समाप्त हो जाएगा और उन आवंटियाें को प्लॉट भी मिल जाएगा। - पीएन सिंह, एलडीए वीसी