{"_id":"6a273173eccc73d2ad080f5d","slug":"allegations-of-irregularities-in-the-sale-of-medicines-in-kgmus-hrf-store-bill-on-someone-elses-uhid-lucknow-news-c-13-lko1070-1773677-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: केजीएमयू के एचआरएफ स्टोर में दवाओं की बिक्री में गड़बड़ी का आरोप, दूसरे की यूएचआईडी पर बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: केजीएमयू के एचआरएफ स्टोर में दवाओं की बिक्री में गड़बड़ी का आरोप, दूसरे की यूएचआईडी पर बिल
विज्ञापन
केजीएमयू।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में यूरोलॉजी विभाग में दवा घोटाला सामने आने के बाद अब एचआरएफ स्टोर से दवाओं और सर्जिकल सामान की बिक्री में गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। मरीजों से नकद भुगतान लेने के बावजूद उनके नाम और यूएचआईडी पर बिल जारी नहीं किए जा रहे हैं। बिल पर दूसरे मरीजों की यूएचआईडी पर दवा और सामान थमाया जा रहा है।
माल क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय मरीज के तीमारदार ने संस्थान प्रशासन ने इसकी शिकायत की है। मरीज किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। चिकित्सकों ने उनकी दाहिनी किडनी में ड्रेनेज की सलाह दी थी। इसके लिए मरीज को शताब्दी अस्पताल फेज-एक के रेडियोडायग्नोसिस विभाग भेजा गया। वहां एचआरएफ स्टोर से सर्जिकल सामान लाने के लिए सूची तीमारदार को दी गई। तीमारदार एचआरएफ स्टोर पर गया तो करीब 5,245 रुपये का सामान बताया गया।
तीमारदार ने ऑनलाइन भुगतान करने को कहा तो कर्मचारी ने नकद भुगतान करने पर ही सामान देने की बात कही। आरोप है कि भुगतान के बाद भी कर्मचारी ने मरीज का यूएचआईडी नंबर 20240539501 दर्ज नहीं किया। बिल मांगने पर केवल मरीज का नाम लिखकर परची दी गई। इस पर दूसरे मरीज की यूएचआईडी संख्या 20250213875 और उम्र 41 वर्ष दर्ज थी। खरीद की तारीख भी अंकित नहीं थी।
विज्ञापन
मेडिकल क्लेम और जांच
जब तीमारदार ने बताया कि उसे यह बिल मेडिकल क्लेम के लिए चाहिए, तो काउंटर कर्मी ने टालमटोल कर उसे वापस भेज दिया। तीमारदार का आरोप है कि एचआरएफ काउंटर पर अन्य मरीजों को भी ऐसी ही अनियमित बिलिंग का सामना करना पड़ रहा था।
Iमरीज को उसी की यूएचआईडी पर सामान दिया जाना है, इसको लेकर कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद यदि दूसरे की यूएचआईडी पर सामान थमाया जा रहा है तो यह बड़ी लापरवाही है। जांच कराकर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। I
I- डॉ. कुमार शांतनु, प्रभारी एचआरएफI
विज्ञापन
माल क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय मरीज के तीमारदार ने संस्थान प्रशासन ने इसकी शिकायत की है। मरीज किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। चिकित्सकों ने उनकी दाहिनी किडनी में ड्रेनेज की सलाह दी थी। इसके लिए मरीज को शताब्दी अस्पताल फेज-एक के रेडियोडायग्नोसिस विभाग भेजा गया। वहां एचआरएफ स्टोर से सर्जिकल सामान लाने के लिए सूची तीमारदार को दी गई। तीमारदार एचआरएफ स्टोर पर गया तो करीब 5,245 रुपये का सामान बताया गया।
विज्ञापन
तीमारदार ने ऑनलाइन भुगतान करने को कहा तो कर्मचारी ने नकद भुगतान करने पर ही सामान देने की बात कही। आरोप है कि भुगतान के बाद भी कर्मचारी ने मरीज का यूएचआईडी नंबर 20240539501 दर्ज नहीं किया। बिल मांगने पर केवल मरीज का नाम लिखकर परची दी गई। इस पर दूसरे मरीज की यूएचआईडी संख्या 20250213875 और उम्र 41 वर्ष दर्ज थी। खरीद की तारीख भी अंकित नहीं थी।
विज्ञापन
मेडिकल क्लेम और जांच
जब तीमारदार ने बताया कि उसे यह बिल मेडिकल क्लेम के लिए चाहिए, तो काउंटर कर्मी ने टालमटोल कर उसे वापस भेज दिया। तीमारदार का आरोप है कि एचआरएफ काउंटर पर अन्य मरीजों को भी ऐसी ही अनियमित बिलिंग का सामना करना पड़ रहा था।
Iमरीज को उसी की यूएचआईडी पर सामान दिया जाना है, इसको लेकर कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद यदि दूसरे की यूएचआईडी पर सामान थमाया जा रहा है तो यह बड़ी लापरवाही है। जांच कराकर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। I
I- डॉ. कुमार शांतनु, प्रभारी एचआरएफI