इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाएगा अमेरिका
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में सहयोग देने पर बनी सहमति के बाद अमेरिका की ओर से इसकी पहल शुरू हो गई है।
यह जानकारी बुधवार को राजधानी आए भारत में अमेरिकी दूतावास के वाणिज्यिक मामलों के मिनिस्टर काउंसलर जॉन एम. मैक्केस्लीन ने दी। मैक्केस्लीन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
मुख्य सचिव आलोक रंजन के साथ बैठक में मैक्केस्लीन ने कहा कि भारत व अमेरिका की सरकार ने हाल ही में भारत में स्मार्ट सिटीज सहित अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए एक सहमति-पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसी क्रम में अमेरिका इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में सहयोग के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियां बहुत प्रतिस्पर्धात्मक हैं तथा वे स्मार्ट सिटीज व अन्य अवस्थापना परियोजनाओं जैसे बिजली, सड़क, परिवहन तथा विशेष रूप से डेडीकेटेड-फ्रेट-कॉरीडोर के विकास में सहयोग करने की इच्छुक हैं। अमेरिकी कंपनियां योग्य भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर अवस्थापना विकास के लिए तैयार हैं। उन्होंने सौर ऊर्जा परियोजनाओं में भी मदद एवं वित्तीय सहयोग की बात कही।
प्रस्ताव तैयार कर जल्द भेजा जाएगा अमेरिकी दूतावास
अमेरिका की इस पेशकश पर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार स्मार्ट सिटी व अन्य अवस्थापना परियोजनाओं के विकास के संबंध में शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर अमेरिकी दूतावास को भेजेगी।
मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास संजीव सरन को अमेरिकी दूतावास से समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नामित करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) को भी शामिल किया जाए।
संजीव सरन ने कहा कि ऊर्जा व सौर ऊर्जा के साथ ही नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के क्षेत्र में भी अमेरिकी कंपनियां सहयोग कर सकती हैं। डिलोन बनर्जी ने बताया कि स्मार्ट सिटी के विकास के लिए कलस्टर एप्रोच आवश्यक होगी, जिसमें प्राथमिकता पर किए जाने वाले कार्यों एवं आर्थिक पक्ष पर स्पष्टता जरूरी है।
अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रमुख सचिव जीवेश नंदन ने सौर ऊर्जा नीति एवं परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। तय किया गया कि प्रदेश और अमेरिकी दूतावास के अधिकारी जल्द ही फिर बैठक करके आगे की रूपरेखा तय करेंगे।