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इलाहाबाद हाईकोर्ट: तीन महीने के भीतर अधिसूचित किए जाएं साइलेंस व आवासीय जोन, गैर-कानूनी हूटर पर लगे रोक
Tue, 13 Oct 2026 12:46 AM IST
Digvijay Singh
पीटीआई
पीटीआई
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:46 AM IST
सार
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को एक बड़ा निर्देश जारी किया है। अदालत ने प्रदेश सरकार को तीन महीने के भीतर औद्योगिक, व्यावसायिक, आवासीय और साइलेंस ज़ोन की स्पष्ट पहचान कर उन्हें अधिसूचित करने का आदेश दिया है।
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खंडपीठ लखनऊ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को एक बड़ा निर्देश जारी किया है। अदालत ने प्रदेश सरकार को तीन महीने के भीतर औद्योगिक, व्यावसायिक, आवासीय और साइलेंस ज़ोन की स्पष्ट पहचान कर उन्हें अधिसूचित करने का आदेश दिया है, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।
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जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम फैसला सुनाया। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी, 2027 को तय की गई है।
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'ध्वनि प्रदूषण नियम 2000' का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि 'ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000' के तहत निर्धारित मानकों और ध्वनि सीमा का कड़ाई से पालन कराने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों का श्रेणीवार वर्गीकरण करना बेहद अनिवार्य है।
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निजी वाहनों में गैर-कानूनी हूटर और प्रेशर हॉर्न पर कार्रवाई के निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने निजी वाहनों में हूटर और प्रेशर हॉर्न के अंधाधुंध व अवैध इस्तेमाल पर गहरी चिंता व्यक्त की। बेंच ने कहा कि लागू नियमों के तहत इनका प्रयोग केवल अधिकृत सरकारी वाहनों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं तक ही सीमित रहना चाहिए। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न और अवैध हूटर की बिक्री, उन्हें वाहनों में लगाने और उनके इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अदालत ने अधिकारियों को निजी वाहनों में अवैध हूटर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए राज्य सरकार से अब तक उठाए गए कदमों की अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।