आयुष्मान के रेफर्ड मरीज ही केजीएमयू, पीजीआई और लोहिया संस्थान में होंगे भर्ती : मुख्यमंत्री योगी
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प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों व चिकित्सा संस्थानों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा। केजीएमयू, एसजीपीजीआई और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अब सिर्फ आयुष्मान योजना के रेफर्ड मरीज ही भर्ती होंगे। इन संस्थानों में योजना के तहत इलाज कराने में आ रही दिक्कतों को भी जल्द दूर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मरीजों की डायलिसिस न करने की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए शिकायतों को तत्काल निस्तारित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही योजना के बेजा इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत इलाज की जिम्मेदारी एक ही टीम को बार-बार न देने और मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों को एक महीने के भीतर भुगतान करने को कहा है। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में पिछले साल 23 सितंबर को लागू आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 1.18 करोड़ पात्र परिवारों को चिह्नित किया गया है।
लाभार्थियों के लिहाज से यह संख्या 6.47 करोड़ है। अब तक 11.59 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं और 1554 चिकित्सालयों को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें 411 राजकीय चिकित्सालय और 1107 निजी चिकित्सालय हैं। इसके अलावा 36 मेडिकल कॉलेज चिकित्सा संस्थानों को भी सूचीबद्ध किया गया है।
संचारी रोगों के नियंत्रण के लिए तीन चरणों में चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने संचारी रोगों के नियंत्रण और एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) व जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) के टीकाकरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आम लोगों में जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जेई के टीकाकरण के लिए भी तीन चरणों में अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि पहले चरण की शुरुआत 25 फरवरी से की जाए।
दूसरा चरण मई और तीसरा चरण जुलाई में शुरू करने को कहा। उन्होंने सीएचसी व पीएचसी पर पीडियाट्रिक्स और फिजीशियन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वच्छता व शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही सभी चिकित्सालयों की सेवाओं को बेहतर बनाने को कहा।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अलावा मंत्री ओमप्रकाश राजभर, डॉ. महेंद्र सिंह, अनुपमा जायसवाल, भूपेंद्र सिंह चौधरी, मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद्र पांडेय समेत ग्राम्य विकास, पंचायती राज, बाल विकास एवं पुष्टाहार समेत अन्य संबधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।