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Shia Personal Law Board meeting: शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा, संविधान और कानून का उल्लंघन है ज्ञानवापी सर्वे
Thu, 26 May 2022 12:27 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 26 May 2022 12:27 AM IST
सार
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की बुधवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। जिसमें कहा गया कि यूनिफार्म सिविल कोड मामले में शिया बोर्ड मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की बुधवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में निचली अदालत की ओर से कराए गए ज्ञानवापी परिसर के सर्वे को संविधान व पूजा स्थल अधिनियम का उल्लंघन करार दिया गया। कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनवर हुसैन रिजवी ने कहा कि इस केस को खारिज कर देना चाहिए। बैठक में कई अन्य प्रस्तावों पर मुहर भी लगाई गई।
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लखनऊ के सुल्तान उल मदारिस में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद सायम मेंहदी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें इबादतगाहों की सुरक्षा, धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर, हिजाब विवाद, यूनिफार्म सिविल कोड व अन्य समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। मेंहदी ने कहा कि संविधान में सभी लोगों को अपने धर्म के मुताबिक जिंदगी जीने का अधिकार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश की आजादी के 75 साल बाद ऐसा क्या हुआ कि हिजाब व धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर पर पाबंदी लगाई जा रही है।
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बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने यूनिफार्म सिविल कोड मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रुख की हिमायत की। तय हुआ कि इस मामले में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा। बैठक में मौलाना रजा हुसैन, एजाज अतहर, मौलाना मिर्जा मोहम्मद जाफर अब्बास, मौलाना जहीर हसन इफ्तेखारी व अन्य लोग मौजूद रहे।
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ये प्रस्ताव पारित
- पूजा स्थल अधिनियम 1991 के मुताबिक 15 अगस्त 1947 से पहले देश में जिन इबादतगाहों की जो हैसियत थी, उसको उसी तरह रखा जाए और कोई बदलाव न किया जाए।
- इस्लाम में औरतों के लिए हिजाब जरूरी है। स्कूल या कॉलेज जहां ड्रेस कोड लागू है, वहां अगर कोई लड़की हिजाब में आना चाहती है तो उसे हिजाब में आने दिया जाए।
- हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्तियां बर्बाद हो रही हैं। उसे बचाने के लिए सरकार जल्द हुसैनाबाद ट्रस्ट में एक कमेटी स्कीम ऑफ मैनेजमेंट बनाकर लागू करे।
- सरकार जरदोजी के कारीगरों की समस्याओं का समाधान करें और जरदोजी को इंडस्ट्री घोषित करे।