लखनऊ यूनिवर्सिटी के सभी विभाग बनाएंगे यू-ट्यूब चैनल, वीसी ने दिए निर्देश
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लखनऊ विश्वविद्यालय के सभी विभागों को अपना-अपना यू-ट्यूब चैनल बनाना होगा। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय कार्यभार ग्रहण करने के बाद शुक्रवार को सामूहिक रूप से सभी शिक्षकों से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने हर विभाग को अपना यू-ट्यूब चैनल बनाकर लविवि को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करने को कहा।
लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि लविवि कई मामलों में अन्य संस्थानों से बहुत आगे है। सभी मिलकर काम करेंगे तो स्वर्णिम इतिहास की तरह यहां का भविष्य भी शानदार होगा।
प्रो. राय ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में शानदार शिक्षक हैं। शोध, पुरस्कार और प्रकाशन के मामले में भी उनका जवाब नहीं है। इस विश्वविद्यालय में सभी विशेषताएं हैं, जो इसे विश्व स्तर पर पहुंचा सकें। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि केवल क्लास में पढ़ाकर ही यह काम नहीं हो सकता है।
इसके लिए उन्हें शोध और प्रोजेक्ट पर काम करना होगा। विश्वविद्यालय को ब्रांड बनाना है तो फिर सभी विभाग अपना यू-ट्यूब चैनल बनाएं। इस तरह से विश्वविद्यालय ब्रांड बनेगा। 26 जनवरी को परिसर में 2600 पौधों के साथ ही सहयुक्त कॉलेजों में 26 हजार पौधे रोपे जाएंगे। इस मौके पर विश्वविद्यालय के सभी संकायों के अध्यक्ष, लूटा अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन तथा महामंत्री डॉ. विनीत वर्मा उपस्थित रहे।
शिक्षक बनें मेंटर, गोद लें एक विद्यार्थी
शिक्षक अपने बुजुर्गों के नाम पर स्कॉलरशिप भी शुरू कर सकते हैं। विद्यार्थियों के साथ उनकी बातचीत सिर्फ कक्षा तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रतिदिन एक घंटे का समय वे सिर्फ विद्यार्थियों से मिलने के लिए रखें। इससे विवि का माहौल बेहतर होगा।
लखनऊ यूनिवर्सिटी में कराएंगे विज्ञान कांग्रेस
प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि उनकी मंशा लविवि में विज्ञान कांग्रेस आयोजित करने की है। विज्ञान कांग्रेस का हर साल आयोजन होता है। इसका उद्घाटन हमेशा प्रधानमंत्री के हाथों होता है। लविवि के लिए गर्व की बात होगी कि इसका आयोजन यहां हो सके।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने कहा कि यहां पर कई बार नकारात्मक बातें सामने आती हैं। शिक्षकों को चाहिए कि वे आपसी विवाद छोड़कर आगे बढ़ें। कुलपति ने यह भी कहा कि शिक्षकों को उनको देय सभी सुविधाएं न मिलना अपराध है। इसलिए उनको सभी अधिकार तथा सुविधाएं मिलनी चाहिए।
विभागाध्यक्ष यह प्रयास करें कि शिक्षकों को विषय विशेषज्ञ के तौर पर बुलाने के बजाय संविदा पर नियुक्ति करें। इससे शिक्षक खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे। इसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। नियमित शिक्षकों से उन्होंने यूडीआरसी पोर्टल पर लॉगइन करने के लिए भी कहा। इसके साथ ही विवि की ओर से शिक्षकों के लिए ज्यादातर सुविधाएं ऑनलाइन करने की बात भी कही।