शिक्षा मित्रों के समायोजन पर मंथन शुरू
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राज्य सरकार ने शिक्षा मित्रों के समायोजन पर मंथन शुरू कर दिया
विचार-विमर्श के दौरान यह बात आई कि यदि शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करते हुए पांच साल में टीईटी पास करने की छूट दे दी जाए तो कैसा रहे।
शिक्षा मित्रों का एक संगठन तो इस पर सहमत है, लेकिन दूसरा संगठन बिना टीईटी के ही शिक्षक बनाए जाने पर अड़ा हुआ है।
उत्तर प्रदेश में 1.76 लाख शिक्षा
मित्र हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद शिक्षा मित्रों को
दो साल का बीटीसी का प्रशिक्षण देकर शिक्षक पद पर समायोजन की बात कही गई
थी।
प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह आदेश जारी किया गया कि जनवरी
2014 में प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 60 हजार शिक्षा मित्रों को
समायोजित किया जाएगा।
इस आदेश के मुताबिक 60 हजार शिक्षा मित्रों का
समायोजन किया जाना है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के
पदाधिकारी अनिल यादव के नेतृत्व में सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलने गए थे।
वहीं आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने
मंगलवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की है। सीएम
के निर्देश पर सचिव बेसिक शिक्षा ने शिक्षा मित्र संघ के पदाधिकारियों की
बैठक बुलाई थी।
इसमें परिषद के सचिव संजय सिन्हा भी शामिल थे। बैठक में
आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही और उत्तर
प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष गाजी इमाम आला व प्रदेश
मंत्री कौशल कुमार सिंह शामिल थे।
शिक्षा मित्रों से राय मांगी गई कि वे
बताएं कि उन्हें शिक्षक पद पर समायोजित किया जाए।