सुविधा देने में सबसे फिसड्डी नगर निगम
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बीमा कंपनियों के बाद सुविधा देने में सबसे फिसड्डी नगर निगम
इस मामले में स्थाई लोक अदालत ने प्रतिवादी नगर आयुक्त को तलब किया।
उत्तरदाता की ओर
से जोन-5 अधिकारी सूरज सिंह और सहायक अभियंता आरबी सिंह ने सड़क बनवाने की
बात पर सुलहनामा कर लिया।
अब सड़क बनने के इंतजार में राजनवर्मा ऐसा नहीं
होने पर एग्जीक्यूशन आवेदन लोक अदालत में करने की बात कह रहे हैं।
स्थाई
लोक अदालत में सफाई, स्ट्रीटलाइट और सड़क मरम्मत कराने के वाद दायर हो रहे
हैं।
बड़ी संख्या में पहुंच रहे मामलों में 50 प्रतिशत सिर्फ नगर निगम के
खिलाफ ही हैं। इनमें से कई मामलों में आदेश का एग्जीक्यूशन कराने के लिए
स्थाई अदालत ने सिविल कोर्ट भेजे हैं।
स्थाई
लोक अदालत के अध्यक्ष डीएन अग्रवाल का कहना है कि मामलों में कोशिश
सुलहनामे के साथ वादी को सुविधा दिलाने और जरूरी आर्थिक नुकसान की भरपाई की
होती है।
नगर निगम के मामले में अधिकारी सुविधा देने की बात पर सुलह कर
लेते हैं। अगर वाद में दिए गए आदेश का अनुपालन नहीं हो पा रहा है तो उसके
खिलाफ एग्जीक्यूशन का आवेदन किया जा सकता है।
अगर स्थाई लोक अदालत आदेश
करती है तो उसको चुनौती केवल हाईकोर्ट में अपील दायर करके ही की जा सकती
है।
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