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अलाया अपार्टमेंट हादसा : बिल्डर फहद याजदानी की पश्चिमी यूपी में मिली लोकेशन, दो दिन पहले जारी किया था वीडियो
Sat, 28 Jan 2023 07:43 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 28 Jan 2023 07:43 PM IST
सार
पुलिस ने एफआईआर में लिखा है कि अपार्टमेंट अवैध था। नक्शा भी पास नहीं था। घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से वह ढहा। इससे संबंधित साक्ष्य भी पुलिस अब जुटाने लगी है।
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अलाया अपार्टमेंट हादसा
- फोटो : amar ujala
विस्तार
अलाया अपार्टमेंट हादसे का आरोपी बिल्डर फहद याजदानी अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पश्चिमी यूपी में उसकी लोकेशन मिली है। पुलिस एक तरफ उसकी तलाश कर रही है तो दूसरी तरफ वह अपने वीडियो बयान जारी कर रहा है। हादसे के पांच दिन बाद भी पुलिस उसको गिरफ्तार करने में नाकाम है। फिलहाल पांच टीमें अलग-अलग जिलों में फहद की तलाश में जुटी हैं।
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वजीर हसन रोड स्थित पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट जमींदोज हो गया था। मलबे में दबकर तीन महिलाओं की मौत हो गई थी। पुलिस ने सपा के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश शाहिद, भतीजे मोहम्मद ताहिर व बिल्डर फहद याजदानी पर गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। नवाजिश और ताहिर को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फहद फरार चल रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फहद की आखिरी लोकेशन बिजनौर में मिली है। वहां टीम भेजी गई है। इसके अलावा पश्चिम यूपी के दो-तीन अन्य जिलों में भी टीमें भेजी गई हैं। एडीसीपी सेंट्रल राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। सुराग मिला है, टीमें लगी हैं। जल्द आरोपी फहद गिरफ्त में होगा।
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पुलिस ने एलडीए से लिए दस्तावेज
पुलिस ने एफआईआर में लिखा है कि अपार्टमेंट अवैध था। नक्शा भी पास नहीं था। घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से वह ढहा। इससे संबंधित साक्ष्य भी पुलिस अब जुटाने लगी है। डीसीपी सेंट्रल अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि एलडीए से इस इमारत से संबंधित सभी दस्तावेज लिए गए हैं। कुछ बाकी हैं, वह भी जल्द से जल्द कब्जे में लिए जाएंगे। इनको विवेचना में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जाएगा।
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शरण देने वाले भी रडार पर
फहद ने एक वीडियो बयान जारी किया था। यानी वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहा है। ये भी हो सकता है कि कोई उसका करीबी लगातार उसके साथ हो। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फहद को शरण देने वाले भी रडार पर हैं। उन पर भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है।