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एकेटीयू: फाइलों में रुकेगा झोल, शुरू होगा ई-ऑफिस
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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में पिछले कुछ सालों से लगातार फाइलों में हेरफेर की जांच चल रही है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने यहां ई-ऑफिस को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर ली है। इसका ट्रायल हो चुका है। इसे इसी सप्ताह से प्रभावी बनाया जाएगा। इसकी शुरुआत कुलपति कार्यालय से की जाएगी।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि ई-ऑफिस व्यवस्था प्रभावी होने से कामकाज में पारदर्शिता आएगी। किसी भी स्तर पर फाइलें अनावश्यक नहीं रुकेंगी। जिस स्तर पर फाइलें निर्धारित तिथि से ज्यादा रुकेंगी, उनसे जवाब-तलब कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
ऑनलाइन निपटाते हैं भाषा विवि के भी काम
एकेटीयू कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के पास इस समय ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय का भी कार्यभार है। ऐसे में वह एकेटीयू से ही भाषा विश्वविद्यालय का भी काम ऑनलाइन निपटाते हैं। एक तरफ जहां वह ऑनलाइन संबंधित अधिकारियों आदि से ऑनलाइन वार्ता करते हैं। वहीं फाइलों से जुड़ी चीजों को वाट्सअप पर ऑनलाइन मंगवाकर उस पर डिजिटल सिग्नेचर करते हैं। इसके साथ ही भौतिक रूप से भी वहां जाकर निरीक्षण व बैठक कर रहे हैं।
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कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि ई-ऑफिस व्यवस्था प्रभावी होने से कामकाज में पारदर्शिता आएगी। किसी भी स्तर पर फाइलें अनावश्यक नहीं रुकेंगी। जिस स्तर पर फाइलें निर्धारित तिथि से ज्यादा रुकेंगी, उनसे जवाब-तलब कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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ऑनलाइन निपटाते हैं भाषा विवि के भी काम
एकेटीयू कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के पास इस समय ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय का भी कार्यभार है। ऐसे में वह एकेटीयू से ही भाषा विश्वविद्यालय का भी काम ऑनलाइन निपटाते हैं। एक तरफ जहां वह ऑनलाइन संबंधित अधिकारियों आदि से ऑनलाइन वार्ता करते हैं। वहीं फाइलों से जुड़ी चीजों को वाट्सअप पर ऑनलाइन मंगवाकर उस पर डिजिटल सिग्नेचर करते हैं। इसके साथ ही भौतिक रूप से भी वहां जाकर निरीक्षण व बैठक कर रहे हैं।
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