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Lucknow News: एकेटीयू को नैक में मिला एप्लस ग्रेड
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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलााम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) को पुनर्मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद (नैक) में एप्लस ग्रेड मिला है। बीते दिनों हुए मूल्यांकन में मात्र .1 अंक से पिछड़ जाने से उसे ए ग्रेड मिला था।
एकेटीयू ने नैक के लिए पहली बार इस वर्ष आवेदन किया था। लंबे समय से संबद्धता देने वाला विश्वविद्यालय होने के कारण एकेटीयू के लिए नैक में पहले चरण में ही अच्छा ग्रेड लाना बड़ी चुनौती थी। हालांकि, विवि ने सभी तैयारियां पूरी करते हुए आवेदन किया।
नैक की टीम ने 17 से 19 जून तक हाइब्रिड मोड में विवि में स्थलीय निरीक्षण किया था। इसके दो सदस्य विश्वविद्यालय में थे और पांच ने ऑनलाइन जुड़े थे। इसमें उसे ए ग्रेड मिला था। विश्वविद्यालय परिणाम से संतुष्ट नहीं था। इसके बाद उसने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। हाल ही में जारी परिणाम में विश्वविद्यालय को एप्लस ग्रेड मिला है। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने तैयारी की। उन्होंने भी बीच-बीच में तैयारी को देखा और सुझाव दिए।
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इन मापदंडों पर हुआ मूल्यांकन
- शिक्षण-अधिगम एवं मूल्यांकन
- अनुसंधान, परामर्श और विस्तार
- शासन, नेतृत्व और प्रबंधन
- पाठ्यचर्या संबंधी पहलू
- छात्र सहायता और प्रगति
- बुनियादी ढांचा व शिक्षण संसाधन
- नवाचार और सर्वोत्तम अभ्यास
ए ग्रेड मिलने से यह होगा फायदा
विश्वविद्यालय को नैक में एप्लस ग्रेड मिलने से कई फायदे होंगे। एक तरफ गुणवत्ता के क्षेत्र में विवि की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बन गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय ऑनलाइन कोर्स भी शुरू कर सकता है। उसे राष्ट्रीय योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। यूजीसी और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटी) से प्रोजेक्ट शुरू करने, संसाधन बढ़ाने और शोध में ग्रांट मिलेगी।
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एकेटीयू ने नैक के लिए पहली बार इस वर्ष आवेदन किया था। लंबे समय से संबद्धता देने वाला विश्वविद्यालय होने के कारण एकेटीयू के लिए नैक में पहले चरण में ही अच्छा ग्रेड लाना बड़ी चुनौती थी। हालांकि, विवि ने सभी तैयारियां पूरी करते हुए आवेदन किया।
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नैक की टीम ने 17 से 19 जून तक हाइब्रिड मोड में विवि में स्थलीय निरीक्षण किया था। इसके दो सदस्य विश्वविद्यालय में थे और पांच ने ऑनलाइन जुड़े थे। इसमें उसे ए ग्रेड मिला था। विश्वविद्यालय परिणाम से संतुष्ट नहीं था। इसके बाद उसने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। हाल ही में जारी परिणाम में विश्वविद्यालय को एप्लस ग्रेड मिला है। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने तैयारी की। उन्होंने भी बीच-बीच में तैयारी को देखा और सुझाव दिए।
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इन मापदंडों पर हुआ मूल्यांकन
- शिक्षण-अधिगम एवं मूल्यांकन
- अनुसंधान, परामर्श और विस्तार
- शासन, नेतृत्व और प्रबंधन
- पाठ्यचर्या संबंधी पहलू
- छात्र सहायता और प्रगति
- बुनियादी ढांचा व शिक्षण संसाधन
- नवाचार और सर्वोत्तम अभ्यास
ए ग्रेड मिलने से यह होगा फायदा
विश्वविद्यालय को नैक में एप्लस ग्रेड मिलने से कई फायदे होंगे। एक तरफ गुणवत्ता के क्षेत्र में विवि की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बन गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय ऑनलाइन कोर्स भी शुरू कर सकता है। उसे राष्ट्रीय योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। यूजीसी और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटी) से प्रोजेक्ट शुरू करने, संसाधन बढ़ाने और शोध में ग्रांट मिलेगी।