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एकेटीयू: उद्योगों के साथ शोध के लिए पांच लाख मिलेंगे
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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अपने व संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को शोध के लिए बढ़ावा देने के लिए पांच लाख रुपये तक का आर्थिक सहयोग देगा। यह राशि उद्योगों के साथ मिलकर शोध प्रोजेक्ट के लिए दिया जाएगा। इसमें बराबर की राशि उद्योग द्वारा भी दी जाएगी।
विश्वविद्यालय में शनिवार को कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में संयुक्त शोध के लिए नियमावली को हरी झंडी दी गई। इसके तहत शोध में एक प्रोजेक्ट इंवेस्टीगेटर उद्योग का और एक विश्वविद्यालय का होगा। योजना के तहत कुल 100 शिक्षकों को आर्थिक सहयोग किया जाएगा। इतना ही नहीं इस शोध के बाद होने वाले पेटेंट में भी इंडस्ट्री के साथ विश्वविद्यालय भी भागीदार होगा।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इसी तरह होमी भाभा शोध योजना में पांच लाख तक की सहायता छोटे प्रोजेक्ट के लिए सभी शिक्षकों को दी जाती है। इसके लिए शिक्षकों को दी जाने वाली सहायक की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है। कार्य परिषद में एआई पॉलिसी एप्रूव हो गई है। इसमें शिक्षकों व छात्रों के लिए एआई के प्रयोग की सीमा तय की गई है।
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कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय अब छात्रों को डिग्री के साथ ट्रांसक्रिप्ट भी नि:शुल्क देगा। उन्होंने कहा कि विदेश में प्रवेश आदि में इसकी काफी मांग रहती है। ऐसे में एक ही पेज पर छात्रों को चारों साल की ट्रांसक्रिप्ट दे देंगे। वे इसका आवश्यकता के अनुसार प्रयोग कर सकेंगे। इसके साथ ही बैठक में परीक्षा समिति एवं विद्या परिषद के कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया।
बैठक में सात जुलाई को होने वाले दीक्षांत समारोह में दिये जाने वाले पदकों और डिग्री को भी मंजूरी दी गयी। साथ ही रोगन कला के कलाकार आशीष कंसारा को मानद उपाधि दिए जाने पर भी सहमति दी गयी। बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. राजीव कुमार, कुलसचिव रीना सिंह आदि उपस्थित थे। इसी क्रम में विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह को देखते हुए छह व सात जुलाई को स्टूडेंट सेल का काम ऑफलाइन मोड में स्थगित किया है।
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विश्वविद्यालय में शनिवार को कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में संयुक्त शोध के लिए नियमावली को हरी झंडी दी गई। इसके तहत शोध में एक प्रोजेक्ट इंवेस्टीगेटर उद्योग का और एक विश्वविद्यालय का होगा। योजना के तहत कुल 100 शिक्षकों को आर्थिक सहयोग किया जाएगा। इतना ही नहीं इस शोध के बाद होने वाले पेटेंट में भी इंडस्ट्री के साथ विश्वविद्यालय भी भागीदार होगा।
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कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इसी तरह होमी भाभा शोध योजना में पांच लाख तक की सहायता छोटे प्रोजेक्ट के लिए सभी शिक्षकों को दी जाती है। इसके लिए शिक्षकों को दी जाने वाली सहायक की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है। कार्य परिषद में एआई पॉलिसी एप्रूव हो गई है। इसमें शिक्षकों व छात्रों के लिए एआई के प्रयोग की सीमा तय की गई है।
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कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय अब छात्रों को डिग्री के साथ ट्रांसक्रिप्ट भी नि:शुल्क देगा। उन्होंने कहा कि विदेश में प्रवेश आदि में इसकी काफी मांग रहती है। ऐसे में एक ही पेज पर छात्रों को चारों साल की ट्रांसक्रिप्ट दे देंगे। वे इसका आवश्यकता के अनुसार प्रयोग कर सकेंगे। इसके साथ ही बैठक में परीक्षा समिति एवं विद्या परिषद के कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया।
बैठक में सात जुलाई को होने वाले दीक्षांत समारोह में दिये जाने वाले पदकों और डिग्री को भी मंजूरी दी गयी। साथ ही रोगन कला के कलाकार आशीष कंसारा को मानद उपाधि दिए जाने पर भी सहमति दी गयी। बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. राजीव कुमार, कुलसचिव रीना सिंह आदि उपस्थित थे। इसी क्रम में विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह को देखते हुए छह व सात जुलाई को स्टूडेंट सेल का काम ऑफलाइन मोड में स्थगित किया है।