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Lucknow News: इकलौते बेटे थे अक्षत और करण... डॉक्टर बनना था सपना

Thu, 21 Aug 2025 02:11 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Aug 2025 02:11 AM IST
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Akshat and Karan were the only sons... their dream was to become doctors
करण की फाइल फोटो।
लखनऊ। बीकेटी में प्राचीन हनुमान मंदिर के पास ट्रेन की चपेट में आने से बाराबंकी के पीड़ गांव निवासी अक्षत मौर्य व सीतापुर के पुखरा पुरवा निवासी करण की मौत से दोनों परिवार टूट गए हैं। अक्षत और करण इकलौते बेटे थे। दोनों डॉक्टर बनना चाहते थे। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त दोनों कान में ईयरफोन लगाए थे।
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बेटे की मौत की खबर सुनकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अक्षत के पिता अतुल कुमार का रो-रोकर बुरा हाल था। अतुल ने बताया कि वह परिवार के साथ फैजुल्लागंज में रहते हैं। अतुल अंबेडकर पार्क स्मारक समिति में प्लंबर हेल्पर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा स्कूल के हॉस्टल से मंगलवार शाम 5:30 बजे रजिस्टर लेने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह अपने दोस्त करण पटेल के रूम पर चला गया। करण कॉलेज के पास प्राइवेट हॉस्टल में चचेरे भाई अंकित के साथ रहता था। दोनों ने मंगलवार देर शाम अंकित से साथ चलने को कहा। अंकित ने मना कर दिया। इसके बाद अक्षत और करण चले गए।
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रात करीब 8:30 बजे अक्षत ने मां अर्चना को फोन कर बताशे खाने के लिए 30 रुपये ऑनलाइन मंगवाए थे। बेटे की मौत से अर्चना बेसुध हैं। अतुल ने बताया कि उनका बेटा इंटर बाॅयो से कर रहा था। वह डॉक्टर बनना चाहता था। वहीं करण के पिता विपिन कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने बताया कि वह खेती करते हैं। स्कूल में उनके बेटे की दोस्ती अक्षत से हुई थी। विपिन ने भी इकलौते बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए घर से दूर पढ़ने के लिए भेजा था।
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उन्होंने बताया कि पत्नी रेशमा रोजाना बेटे से फोन पर हाल-चाल लेती थी। मंगलवार को भी उनकी करण से बात हुई थी, लेकिन यह नहीं पता था कि बेटे से उनकी आखिरी बातचीत होगी।
रेलवे को नहीं हुई घटना की जानकारी
मामले में अक्षत के चाचा आशीष ने बीकेटी थाने में तहरीर दी है। आशीष के मुताबिक अक्षत ने अपनी मां से वार्डन की बात कराई थी। इसके बाद एक घंटे की छुट्टी लेकर हॉस्टल से निकला था। रात में 8:30 बजे उसने फोन पर मां से कहा था कि 10 मिनट में वह हॉस्टल पहुंच जाएगा। रात में 10 बजे अंजान नंबर से फोन आया कि अक्षत का एक्सीडेंट हो गया है। इससे पिहले कि परिजन मौके पर पहुंचते स्कूल प्रबंधन ने अक्षत की मौत की सूचना दी। बताया गया कि ट्रेन की टक्कर लगने से अक्षत और उसके दोस्त करण की जान गई है। आशीष का कहना है कि बुधवार को उन्होंने रेलवे से मामले की जानकारी की तो पता चला कि विभाग को कोई सूचना ही नहीं है।

परिवार ने हादसे पर उठाए सवाल
अक्षत के घरवालों का कहना है कि रेलवे को मामले की जानकारी नहीं होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। रेलवे की ओर से कोई मेमो भी नहीं बनाया गया था। ऐसे में परिजनों ने हादसे पर सवाल उठाए हैं। आशीष का कहना है कि दोनों छात्रों के साथ कोई अन्य घटना हुई है। उन्होंने मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। आशीष के मुताबिक पुलिस मंगलवार शाम पांच बजकर पांच मिनट से घटना के समय तक अक्षत और करण किन परिस्थितियों में रहे, इसकी छानबीन करे तो पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा।

करण की फाइल फोटो।

करण की फाइल फोटो।

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