टीपू ने मोदी को लिखा खत, लगाई मदद की गुहार
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हर मुद्दे पर घिरी नजर आ रही प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है।
सूबे को बिजली संकट से उबारने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से मदद की गुहार लगाई है। प्रदेश में बिजली की जबर्दस्त किल्लत को देखते हुए केंद्रीय कोटे की अधिकतम बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजलीघरों के लिए पर्याप्त कोयला आवंटित करने का अनुरोध किया गया है।
वहीं, केंद्र से अनावंटित कोटे की अधिकतम बिजली यूपी को मुहैया कराने का भी अनुरोध किया है।
बिजली को लेकर मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर बिजली संकट दूर करने में यूपी की मदद करने का अनुरोध किया है।
नहीं मिल रही पूरी बिजली
मुख्यमंत्री ने पत्र में प्रदेश में बिजली की मांग और उपलब्धता के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा है कि केंद्रीय सेक्टर से यूपी का बिजली कोटा 6002 मेगावाट है जबकि लगभग 4200 मेगावाट ही मिल पा रही है।
लोकसभा चुनाव के दौरान जहां केंद्र से 5200 मेगावाट तक बिजली मिल रही थी, वहीं अब इसमें कमी हो जाने से बिजली का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में यह भी कहा है कि गर्मी में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए जनवरी-फरवरी में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों से द्विपक्षीय समझौते के तहत लगभग 1000 मेगावाट बिजली खरीदने का करार किया गया था।
ट्रांसमिशन कॉरिडोर उपलब्ध न हो पाने की वजह से यह बिजली प्रदेश में नहीं आ पा रही है।
इसलिए हो रही है दिक्कत
वेस्टर्न कॉरिडोर की क्षमता 4200 मेगावाट से घटाकर 3700 मेगावाट कर दिए जाने से समस्या हो रही है।
पत्र में मुख्यमंत्री ने केंद्र की हाइड्रो, गैस, परमाणु बिजली परियोजनाओं से भी यूपी को निर्धारित हिस्सा न मिलने का जिक्र किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि जरूरत भर कोयला न मिलने से सार्वजनिक क्षेत्र की अनपरा ए और बी परियोजना में जहां बमुश्किल 70 फीसदी बिजली उत्पादन हो पा रहा है, वहीं निजी क्षेत्र की अनपरा सी परियोजना की एक इकाई को बंद करना पड़ा है।
ऐसे खत्म हो सकती है दिक्कत
मुख्यमंत्री अखिलेश ने पत्र में एमओयू के आधार पर सूबे में प्रस्तावित नौ नई बिजली परियोजनाओं का कोल लिंकेज न होने का जिक्र करते हुए कहा है कि अगर इनके लिए कोल लिंकेज कर दिया जाए तो इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा और आने वाले समय में बिजली की किल्लत नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री ने पत्र में केंद्र की 15 फीसदी अनावंटित कोटे की बिजली की ओर भी प्रधानमंत्री का ध्यान खींचा है।
उन्होंने कहा कि अनावंटित कोटे से दिल्ली व राजस्थान जैसे राज्यों को ज्यादा बिजली दी जा रही है जिनके पास पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। ये राज्य सरप्लस बिजली बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं जबकि संकट से जूझ रहे यूपी को कम बिजली मिल रही है।
उन्होंने इस असमानता को समाप्त करके अनावंटित कोटे की अधिकतम बिजली यूपी को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।