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इस विवादित फिल्म का इंतजार कर रहे हैं अखिलेश यादव

Tue, 15 Sep 2015 11:25 AM IST
Updated Tue, 15 Sep 2015 11:25 AM IST
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akhilesh yadav wait for mohalla assi movie release

वाराणसी के वरिष्ठ कथाकार काशीनाथ सिंह के उपन्यास पर बनी फिल्म 'मोहल्ला अस्सी' अपने ट्रेलर और पोस्टरों को लेकर विवादों में आ गई है। विवादों के चलते अभी तक ये फिल्म रिलीज नहीं हो पाई है।

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हिंदी दिवस पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के वर्ष 2014 के सम्मान समारोह के मौके पर सीएम अखिलेश ने अपने दिल की बात कही। यूपी के सीएम ने कहा कि उन्हे काशीनाथ सिंह के उपन्यास पर बनी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है।
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हिंदी दिवस पर हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार काशीनाथ सिंह को सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार ‘भारत-भारती’ से नवाजा गया। उनको ये सम्मान सीएम अखिलेश यादव ने दिया। सम्मानस्वरूप उन्हें पांच लाख रुपये दिए गए।
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विवादों में आई मोहल्ला अस्सी के बारे में साहित्यकार काशीनाथ कहते हैं कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि ‘मोहल्ला अस्सी’ में बनारस की छवि को गलत ढंग से पेश किया गया है। इस फिल्म पर मुकदमे दर्ज कराया जाना दुखद है। लंबे अर्से के बाद किसी निर्देशक (चंद्रप्रकाश द्विवेदी) ने हिम्मत जुटाकर साहित्यिक कृति पर फिल्म बनाई, लेकिन वह भी मुकदमे का शिकार हो गई।

अखिलेश यादव ने 113 साहित्यकारों का किया सम्‍मान

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उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के वर्ष 2014 के पुरस्कार हिंदी दिवस पर सोमवार को संस्थान के यशपाल सभागार में आयोजित समारोह में वितरित किए गए। संस्थान का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार ‘भारत-भारती’ वाराणसी के वरिष्ठ कथाकार काशीनाथ सिंह को प्रदान किया गया।

वहीं दिल्ली की मृदुला गर्ग को ‘लोहिया साहित्य सम्मान’, जौनपुर के मूल निवासी व संस्कृत विद्वान प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र को ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय सम्मान’ तथा डॉ. रामकृष्ण राजपूत को ‘अवन्तीबाई साहित्य सम्मान’ से अलंकृत किया गया।

‘राजर्षि पुरुषोत्तम टंडन सम्मान’ कर्नाटक हिंदी प्रचार समिति, बेंगलूरू को दिया गया। इन सभी को चार-चार लाख रुपये सम्मानस्वरूप प्रदान किए गए। 10 साहित्यकारों को साहित्य भूषण और 12 साहित्यकारों को सौहार्द सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साहित्यकारों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न व नकद राशि प्रदान किए।

हिंदी दिवस के मौके पर कुल 113 पुरस्कारों के लिए साहित्यकारों का चयन हुआ। इनमें से 80 से 82 साहित्यकारों को समारोह में अलंकृत किया गया।

लोकभूषण सम्मान से मथुरा के राधा गोविंद पाठक, कला भूषण सम्मान से लखनऊ की वेदा राकेश, विद्याभूषण सम्मान से डॉ. ओमप्रकाश मिश्र, विज्ञान भूषण सम्मान से प्रो. यतीश अग्रवाल, पत्रकारिता भूषण सम्मान से विष्णु नागर, प्रवासी भारतीय हिंदी भूषण सम्मान से यूएसए की पुष्पा सक्सेना, बाल साहित्य भारती सम्मान से डॉ. चक्रधर नलिन, मधु लिमये साहित्य सम्मान से डॉ. भालचंद्र तिवारी, पं. श्रीनारायण चतुर्वेदी साहित्य सम्मान से यज्ञ शर्मा, विधिभूषण सम्मान से डॉ. हनुमान प्रसाद गुप्त को प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक साहित्यकार को दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

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