सारस पर सियासत गरमाई: अखिलेश यादव ने दी थी आंदोलन की चेतावनी, ट्वीट कर कही थी ये बात
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य पक्षी का लापता हो जाना एक गंभीर विषय है। सरकार उसे तत्काल खोजने की कार्रवाई शुरू करे।
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प्रदेश में सारस पर सियासत तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सारस के गायब होने से लेकर मिलने तक ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा। इसके बाद सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेठी निवासी आरिफ से सारस छीने जाने का विरोध किया था। बृहस्पतिवार को पता चला कि अमेठी से रायबरेली ले जाया गया सारस गायब हो गया है। ऐसे में सपा अध्यक्ष ने ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा अमेठी से जबरदस्ती ले जाकर रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार में छोगा गया। अब यह गायब है। राज्य पक्षी के प्रति ऐसी लापरवाही गंभीर विषय है। भाजपा तत्काल सारस खोजे नहीं तो पूरी दूनिया के पक्षी प्रेमी आंदोलन करेंगे। उन्होंने अगले ट्वीट में लखि कि मुख्यमंत्री चाहें तो लापता सारस का कोई नामकरण कर दें। लेकिन उसे ढूढकर उसकी जान जरूर बचाएं। वो सारस भी पूरे उत्तर प्रदेश को वैसे ही प्रिय है, जैसे मुख्यमंत्री को गोलू।
मुख्यमंत्री जी चाहें तो लापता सारस का कोई नामकरण भी कर दें लेकिन उसे ढूँढकर उसकी जान ज़रूर बचाएं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 23, 2023
वो सारस भी पूरे उप्र को वैसे ही प्रिय है, जैसे मुख्यमंत्री जी को गोलू।
दोपहर बाद सारस के मिलने की सूचना आने पर उन्होंने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश के पक्षी प्रेमी बी सैया नामक गांव को धन्यवाद, जिसने सारस को बचाया, खिलाया पिलाया और वो काम दिखाया, जिसमें प्रदेश की सरकार नाकाम रही। सच तो यह है कि प्रेम से बड़ी सत्ता और कोई नहीं हो सकती है। भाजपा अगर समय रहते ये समझ ले तो शायद उसके अंदर की नफरत कुछ कम हो जाए।
टेंट सिटी पर तंज
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर टेंट सिटी के हालात पर तंज कसा। उन्होने ट्वीट किया कि भाजपा सरकार नियमों का हवाला देकर आरिफ से उसके दोस्त सारस को छीन ले गई। नियम तो यह भी कहता है कि गंगा किनारे कोई एक्टिवटी नहीं होगी। फिर भी टेंट सिटी बनाकर पैसे कमाने का अवैध खेल खेला गया। लेकिन प्रकृति है न। तूफान आया और टेंट सिटी उड़ गया। ऊधर सारस भी वन विभाग के हाथों से निकल गया।