यूपी में मजबूत होगा अल्पसंख्यक आयोग
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष को केंद्रीय मंत्री का दर्जा देने सहित कई बड़े फैसले किये।
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का केंद्रीय मंत्री का दर्जा देने के फैसले के बाद अब यह प्रस्ताव विधान मंडल के आगामी सदन में रखा जाएगा। वहां से प्रस्ताव पास होने के बाद अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष को भी कैबिनेट मंत्री की तरह अधिकार व सुविधाएं मिल सकेंगी।
दरअसल, प्रदेश सरकार आयोग के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर अल्पसंख्यक आयोग को मजबूत करना चाहती है। सरकार का मानना है कि यदि अध्यक्ष के पास कैबिनेट मंत्री रैंक का दर्जा होगा तो वे आसानी से अपना काम कर पाएंगे। अधिकारी भी प्रोटोकॉल के नाते आयोग के अध्यक्ष को तवज्जो देंगे।
सरकार ने गत अप्रैल में ही वाराणसी के शकील अहमद को अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया था। वे राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ी रहे हैं। इसके साथ ही सरकार ने आठ सदस्यों की भी नियुक्ति कर दी है।
मेट्रो रेल विस्तार का रास्ता साफ
मंत्रिमंडल ने गाजियाबाद में मेट्रो रेल विस्तार का रास्ता साफ कर दिया। दिलशाद गार्डन, नई दिल्ली से न्यू बस स्टैंड गाजियाबाद के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के बीच एमओयू का कैबिनेट ने अनुमोदन कर दिया।
मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण में दिलशाद गार्डन से न्यू बस स्टैंड गाजियाबाद के बीच 9.41 किमी लंबे रूट पर मेट्रो ट्रेन चलेगी। इस रूट पर सात स्टेशन होंगे। इस पर 1770 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
मेट्रो रेल सेवा का विस्तार होने पर गाजियाबाद नगर और आसपास के क्षेत्रों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों से सीधे आवागमन उपलब्ध हो जाएगा।
25 जिलों में खुलेंगी स्थायी लोक अदालतें
आम लोगों को सस्ता, शीघ्र और सुलभ न्याय दिलाने के लिए प्रदेश के 25 जिलों में स्थायी लोक अदालतें खुलेंगी। प्रत्येक अदालत के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश समेत अन्य स्टाफ के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
प्रदेश में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अभी तक अस्थायी लोक अदालतें लगाई जाती थीं। इनके बेहतर रेस्पॉन्स को देखते हुए प्राधिकरण ने स्थायी अदालतों का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
इन जिलों में खुलेंगी
बांदा, मैनपुरी, मथुरा, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, कुशीनगर, पडरौना, बहराइच, सुल्तानपुर, उन्नाव, चंदौली, हरदोई, रामपुर, बाराबंकी, देवरिया, एटा, इटावा, बदायूं, ललितपुर, सीतापुर, बिजनौर, बलरामपुर, बलिया और कन्नौज।
कम जमीन में बनेंगे मॉडल महाविद्यालय
प्रदेश में बनने वाले 36 मॉडल राजकीय महाविद्यालयों को कम स्थान पर बेहतर लुक से बनाया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने स्ट्रक्चरल ग्लेजिंग प्रावधान को अनुमति दे दी है।
दरअसल, इन मॉडल कॉलेजों को इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि कम जमीन में यह बन सकें। इसके लिए मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के साथ ही ग्लास लुक दिया जाएगा।
प्रत्येक कॉलेज को बनाने के लिए 12 करोड़ रुपये का बजट है। कैबिनेट ने इसकी आर्किटेक्चरल फिनिश के लिए भी 7.66 करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाया है।
उच्चतर शिक्षा आयोग के अध्यक्ष को राहत
सरकार ने उच्चतर शिक्षा आयोग के अध्यक्ष की अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष से बढ़ाकर 68 वर्ष करने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। साथ ही अध्यक्ष व सदस्यों के कार्यकाल को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने का निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (द्वितीय संशोधन) अधिनियम 2007 में संशोधन के लिए अध्यादेश/विधेयक को हरी झंडी दे दी है।
सरकार ने यह दलील दी है कि राज्य के महाविद्यालयों में प्राचार्य व सहायक आचार्य के चयन में तेजी लाने के लिए ऐसा किया गया है।