'डबल डी' से सपा को चुनाव में होगा पूरा फायदा: अखिलेश यादव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि यूपी में जातीय आधार पर होने वाली राजनीति का अंत हो चुका है और अगले विधानसभा चुनाव में सपा को विकास और नोटबंदी के आधार पर वोट मिलेंगे।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सपा का पारिवारिक विवाद अब कोई मुद्दा नहीं है, ये बीते दिनों की बात हो गई है। हम साथ मिलकर अगले चुनाव के लिए काम कर रहे हैं।
अंग्रेजी के डबल डी का जिक्र करते हुए कहा कि डवलपमेंट और डिमोनेटाईजेशन की समस्या की वजह से सपा को अगले चुनाव में भरपूर फायदा होगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि प्रदेश की जनता किसी जातीय समीकरण के आधार पर नहीं, बल्कि उनके काम और उनकी छवि की वजह से उन्हें वोट करेगी।
'विकास व नोटबंदी ने हमारी जीत का रास्ता तय कर दिया'
पिछले पांच साल में हमारे काम और नोटबंदी की वजह से लोगों को हुई समस्या ने हमारी जीत का रास्ता तय कर दिया है। जो कतारें आज एटीएम के बाहर लगीं हैं, वही कतार वोटिंग के लिए लगेंगी।
अखिलेश ने भाजपा और बसपा को अपने लिए चुनौती मानने से इन्कार करते हुए कहा कि पिछले ढाई साल में केंद्र की भाजपा सरकार ने यूपी के लिए कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री यूपी की नुमाइंदगी करते हैं।
यहां से बड़ी संख्या में सांसद जीतकर गए हैं, बावजूद इसके प्रदेश के लोगों को निराशा ही मिली। रही बात बसपा की तो अब यूपी के लोगों को यहां-वहां हाथी बैठाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। इसलिए ये दोनों ही दल सपा के लिए किसी तरह की चुनौती नहीं बन सकते।
'धार्मिक आधार पर सियासत करने वाले यूपी में नहीं होंगे कामयाब'
मुख्यमंत्री ने मुसलमानों पर अधिक फोकस करने के आरोपों से भी इन्कार किया। उन्होंने कहा कि हमने केवल विकास पर फोकस किया और इसका लाभ उन्हें भी मिला है। मैं उन्हें उनका हक दिला रहा हूं। जो लोग धार्मिक आधार पर सियासत करना चाहते हैं, वे यूपी में कामयाब नहीं हो सकते।
अब सियासत बदल चुकी है अब जाति आधारित राजनीतिक का दौर नहीं रहा। लोग अब मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े हैं और पूरी दुनिया के बारे में उन्हें पता है। अब केवल विकास की राजनीति और सकारात्मक बातें ही चलेंगी।
अखिलेश ने साफ किया कि टिकट बंटवारे की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। वे इस बारे में सलाह दे सकते हैं और देंगे भी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सभी लोगों को मालूम है इस बारे में मेरी राय क्या है।