आरएसएस की विचारधारा थोपने की कोशिश से छात्रों में असंतोष: अखिलेश यादव
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नौजवानों से 2019 में परिवर्तन के लिए कमर कसने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के साथ युवा पढ़ाई का भी ध्यान रखें।
उन्होंने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हो रहे हमलों पर चिंता जताते हुए कहा कि परिसर में सुरक्षा के साथ पठन-पाठन का स्वतंत्र एवं स्वस्थ वातावरण रहना चाहिए। अखिलेश शुक्रवार को यहां अलग-अलग विश्वविद्यालयों के छात्र नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान उन्हें संबोधित कर रहे थे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की सरकारें आरएसएस की विचारधारा थोपने की कोशिश में हैं जिससे छात्रों में अंसतोष व्याप्त है। असहमति की आवाज को दबाकर छात्रों का मनोबल कुचलने की साजिश की जा रही है। जबसे केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है, शिक्षा संस्थानों का शैक्षिक वातावरण प्रदूषित होने लगा है।
नौजवानों का भविष्य अंधकारमय
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के अनुसार, छात्र नेताओं ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों में असंतोष व्याप्त है। मोदी और योगी के राज में नौजवानों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। प्रधानमंत्री ने दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, जो अब तक वादा ही है।
अखिलेश से मिलने वालों में जेएनयू के दिलीप यादव, दिल्ली विवि के अमन यादव, एमिटी के धर्मवीर सिंह यादव, आईआईटी के अमित एवं रवि प्रकाश व डॉ. अंबेडकर विवि के रामकरन निर्मल सहित कई छात्र नेता शामिल थे।