अखिलेश यादव का तीखा हमला, बोले- यूपी में रोजगार संकट, नौजवान परेशान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रदेश सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार संकट है, नौजवान परेशान है, लेकिन मुख्यमंत्री झूठे आंकड़ों से लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
मनरेगा, माटी कला समेत जिन योजनाओं से रोजगार सृजित करने की बात की जा रही है, लेकिन ये योजनाएं खुद संकटग्रस्त हैं। सरकारी वोकेशनल कॅरियर सर्विस पोर्टल के मुताबिक प्रदेश में इस साल सितंबर के मुकाबले अक्तूबर में रोजगार में 60 फीसदी गिरावट हुई है।
यादव ने एक बयान में कहा कि भाजपा राज में मनरेगा मजदूरों को भुगतान नहीं मिल रहा है। सरकारी तंत्र ने उनकी दिवाली फीकी कर दी। प्रवासी मजदूरों की हालत सबसे ज्यादा दयनीय है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत माटी कला के प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को टूल किट न दिए जाने वे अब तक कामकाज शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
कन्नौज में कुम्हारों के लिए सरकारी योजनाएं कागजों में सिमट कर रह गई है। कुम्हारी कला प्रोत्साहन में जिन कुम्हारों को बिजली वाला चाक दिया गया है, लेकिन बिजली के बढ़ते बिल से वे कर्जदार बनते जा रहे हैं। उन्हें भी परंपरागत तरीका ही अच्छा लगने लगा है।
नई नौकरियां मिली नहीं, पुरानी फैक्टरियों बंद
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा राज में प्रदेश में नई नौकरियां दिखी नहीं, पुरानी फैक्टरियां भी बंद हो गईं। लॉकडाउन में कर्मचारियों की छंटनी हो गई थी, अब तक लोग काम के लिए भटक रहे हैं। सुबह चौराहों पर श्रमिकों की लगने वाली भीड़ रोजगार के सरकारी दावों की पोल खोलती है। भाजपा सरकार हर वर्ग के लोगों को रोजी-रोटी के लिए तरसा रही है। वर्ष 2022 में भाजपा को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।