भाजपा खुलकर जाति की राजनीति कर समाज में नफरत फैला रही है: अखिलेश यादव
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि बहकाने और भटकाने की कला में भाजपा की दक्षता का जवाब नहीं। विपक्ष पर झूठे आरोप लगाने में उसे कोई संकोच नहीं होता है। भाजपा खुलकर जाति की राजनीति कर समाज में नफरत पैदा कर रही है।
अखिलेश ने एक बयान में कहा कि भाजपा नेतृत्व समझता है कि जातीय वैमनस्यता पैदा करके वह अपने वोट बैंक में इजाफा कर लेगा। इसलिए विभिन्न राजकीय विभागों तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं तक की नियुक्तियों में जाति का वर्चस्व दिखाई देने लगा है।
मंत्री राग-द्वेष से परे रहकर अपने पद के कर्तव्य निर्वहन की शपथ लेते हैं, भाजपा सरकार इसकी परवाह नहीं करती है। संविधान में उसकी आस्था नहीं है।
'आबादी के हिसाब से तय होती है भागीदारी'
अखिलेश ने कहा, सपा सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें आबादी के हिसाब से भागीदारी तय होती है। समाज में जो आर्थिक-सामाजिक विषमता है, उसका समाधान इसी फॉर्मूले से हो सकता है।
आज लड़ाई 85 प्रतिशत बनाम 15 प्रतिशत की है। देश का किसान, नौजवान, अल्पसंख्यक सभी भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के शिकार हैं। इससे जनता में जो आक्रोश है, उसका वर्ष 2019 में विस्फोट होना तय है।