SC-ST कर्मचारियों का नहीं होगा डिमोशनः अखिलेश
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विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है, सभी दलों में दलित वोटों को अपने पाले में करने की होड़ मच गई है। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी अनुसूचित जाति या जनजाति के अधिकारी-कर्मचारी का डिमोशन नहीं होने देगी।
न ही उनके वेतन में कोई कमी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण के मामले पर कैबिनेट बैठक में कोई न कोई रास्ता जरूर निकाल लिया जाएगा।
अंबेडकर महासभा के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने जब उनसे एससी-एसटी कर्मचारियों की पदावनति का मामला उठाया तो अखिलेश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना से बचने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी है लेकिन किसी भी अधिकारी-कर्मचारी का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर छुट्टी भी बहाल की
दलितों को लुभाने के लिए सपा सरकार ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस यानी छह दिसंबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी।
मुख्यमंत्री डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद यह ऐलान किया। फैसला चौंकाने वाला इसलिए क्योंकि सत्ता में आते ही सपा सरकार ने मायावती सरकार का फैसला पलटते हुए यह छुट्टी रद्द कर दी थी।
मायावती को संबोधन के बाद जब पता चला कि प्रदेश सरकार ने डॉ. अंबेडकर की पुण्य तिथि छह दिसंबर के अवकाश को बहाल कर दिया है, तो वह अपनी प्रतिक्रिया देने लौट आईं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार की जातिवादी नीति व कार्यों से उस पार्टी के विधायक भी दु:खी हैं।
आरक्षित सीटों से जीते सपा विधायकों को भी दलित महापुरुषों के नाम पर घोषित अवकाश रद करने पर आक्रोश है। ऐसे विधायक उनसे मिले थे और सपा छोड़कर बसपा में आने की पेशकश की थी।
बकौल मायावती- मैंने विधायकों को ऐसा करने से मना किया और कहा कि अपनी पार्टी में रहकर ही दबाव बनाएं। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार को छह दिसंबर का अवकाश अपने विधायकों के दबाव में बहाल करना पड़ा है।